महाराष्ट्र के ठेकेदारों की समस्याओं पर मंथन
कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के छोटे ठेकेदारों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और आर्थिक संकट के बारे में विस्तार से चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बुनियादी ढाँचे के विकास से जुड़े निर्माण कार्य पूरे करने के बावजूद सरकार द्वारा उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके चलते अनेक छोटे ठेकेदार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
उनका कहना है कि बड़े ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने के लिए नियमों में हेरफेर और भ्रष्टाचार हो रहा है, जबकि छोटे ठेकेदार अपने ही मेहनत के पैसे के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
इसका असर केवल ठेकेदारों पर नहीं, बल्कि कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं, परिवहन व्यवसायियों, श्रमिकों और इस पूरी व्यवस्था से जुड़े हजारों परिवारों पर पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी माँगों को हर संभव मंच पर उठाऊँगा और उनके अधिकारों तथा न्याय के लिए हर स्तर पर आवाज़ बुलंद करूँगा।
