मनुस्मृति पर खरगे के बयान पर बव

‘शिक्षा में जातिवाद को बढ़ावा देती है मनुस्मृति’: मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर राज्यसभा में भारी हंगामा; भाजपा का तीखा पलटवार

विशेष राष्ट्रीय एवं संसदीय मामलों का ब्यूरो: नई दिल्ली

रिपोर्ट: सोनू कुमार (पत्रकार)

संसद के उच्च सदन राज्यसभा में ‘एंटी पेपर लीक बिल’ (Anti-Paper Leak Bill) पर चर्चा के दौरान उस समय जोरदार हंगामा हो गया, जब राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘मनुस्मृति’ को लेकर बड़ा बयान दे दिया।

खरगे ने चर्चा के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि “मनुस्मृति शिक्षा के क्षेत्र में जातिवाद को बढ़ावा देती है।” उनके इस बयान के आते ही सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में तीखी बहस और हंगामा शुरू हो गया।

‘एंटी पेपर लीक बिल’ पर चर्चा के दौरान बढ़ा विवाद

सदन में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए लाए गए विधेयक पर बहस चल रही थी। खरगे ने देश की शिक्षा व्यवस्था और उसमें व्याप्त सामाजिक असमानता पर बोलते हुए मनुस्मृति के कुछ विचारों का जिक्र किया:

  • विपक्ष का तर्क: खरगे ने कहा कि प्राचीन ग्रंथों के कुछ विचार समाज में सभी के लिए समान शिक्षा के अधिकार में बाधा बनते हैं और जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देते हैं।

  • सत्ता पक्ष का विरोध: भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सत्ता पक्ष के सांसदों ने खरगे के बयान पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा का रुख मोड़कर धार्मिक और सांस्कृतिक ग्रंथों का अपमान कर रहा है।

सदन की कार्यवाही हुई प्रभावित

दोनों पक्षों की ओर से हुई नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के कारण राज्यसभा की कार्यवाही में काफी देर तक गतिरोध बना रहा। सभापति द्वारा सदस्यों को शांत कराने और संसदीय गरिमा बनाए रखने की अपील की गई।

उल्लेखनीय है कि देश में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर संसद के दोनों सदनों में सरकार और विपक्ष के बीच पहले से ही माहौल गरमाया हुआ है।


सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: