गांधी जी की 157वीं व शास्त्री जी की 122वीं जयंती पर CM योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि, नमन की स्मृतियां

गांधी और शास्त्री जयंती पर लखनऊ में CM योगी ने दी श्रद्धांजलि: महापुरुषों के विचारों को बताया आत्मनिर्भर भारत का आधार”

लखनऊ: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 157वीं पावन जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की 122वीं जयंती के शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने राजधानी लखनऊ में आयोजित विभिन्न गरिमामय कार्यक्रमों में शिरकत की। मुख्यमंत्री जी ने दोनों महान राष्ट्रनायकों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी पावन स्मृतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया और प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महात्मा गांधी जी का ‘सत्य, अहिंसा, स्वदेशी व स्वावलंबन’ का मार्ग और लाल बहादुर शास्त्री जी का ‘जय जवान-जय किसान’ का अमर उद्घोष आज भी संपूर्ण राष्ट्र को आत्मनिर्भरता और राष्ट्र सेवा की नई दिशा दिखा रहा है।

महात्मा गांधी जयंती पर ‘स्वदेशी’ और ‘ग्राम स्वराज’ का संदेश

हजरतगंज स्थित क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बापू को नमन करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया:

  • चरखा चलाया और खादी की खरीदारी: मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर में स्वयं चरखा चलाकर सूत काता और खादी वस्त्रों की खरीदारी कर ‘वोकल फॉर लोकल’ व स्वावलंबन के संकल्प को मजबूती दी।

  • स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन: उन्होंने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की प्रतीक और हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक स्थानीय व हस्तशिल्प उत्पादों को अपनाने की अपील की।

शास्त्री जी को नमन: ‘जय जवान-जय किसान’ से खाद्यान्न में आत्मनिर्भर हुआ देश

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए मुख्यमंत्री जी ने उनके अदम्य साहस, सादगी और नेतृत्व क्षमता का स्मरण किया:

  • खाद्यान्न सुरक्षा का आधार: मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शास्त्री जी के ‘जय जवान-जय किसान’ के दूरदर्शी नारे की बदौलत ही आज भारत कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना है और 140 करोड़ देशवासियों का पेट भरने के साथ-साथ दुनिया के अन्य देशों को भी खाद्यान्न निर्यात कर रहा है।

  • नैतिकता और सादगी की मिसाल: उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का जीवन सार्वजनिक सेवा में ईमानदारी, अनुशासन और सादगी का अनुपम उदाहरण है।

प्रदेश भर में बापू और शास्त्री जी का स्मरण

गांधी जयंती व शास्त्री जयंती के इस पावन अवसर पर प्रदेश भर में स्वच्छता अभियान, खादी प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सरकारी भवनों, विद्यालयों और सामाजिक संगठनों में दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पावन जयंती पर उनके अमर विचारों को कोटि-कोटि नमन करती है।

अमित शाह की पुलिस जितनी चाहे नाकाबंदी लगा दे.

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