CJP संस्थापक का भाजपा पर बड़ा आरोप

‘BJP में शामिल हो जाओ, या फिर…’: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा; प्रदर्शन के दौरान धमकियां और छात्रों पर बल प्रयोग का आरोप

विशेष राष्ट्रीय एवं राजनीतिक ब्यूरो: मुंबई / छत्रपति संभाजीनगर

NEET परीक्षा विवाद के दौरान चर्चा में आए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और देश की वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर तीखे हमले बोले हैं। छत्रपति संभाजीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हुआ और उन पर सत्ताधारी दल में शामिल होने का भारी दबाव बनाया गया।

उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र और छात्रों के शिक्षा अधिकारों के लिए उनका यह संघर्ष आगे भी पूरी मजबूती से जारी रहेगा।

‘भाजपा में शामिल होने के लिए मिलीं धमकियां’

समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थीं:

  • परिवार को निशाना बनाने की चेतावनी: दीपके ने आरोप लगाया कि उन्हें चेतावनी दी गई थी कि यदि वे भाजपा में शामिल नहीं होते हैं, तो उनके और उनके परिवार के लिए गंभीर मुश्किलें खड़ी कर दी जाएंगी।

  • शीर्ष नेतृत्व पर निशाना: उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे शीर्ष पदों पर बैठे लोग एक छात्र और युवा कार्यकर्ता को निशाना बना रहे हैं।

  • लोकतंत्र की लड़ाई: युवाओं को भड़काने के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल करना और शिक्षा के अधिकारों के लिए आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है।

बिहार प्रदर्शन और छात्रों पर भारी बल प्रयोग का आरोप

बिहार में नीट प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर भाजपा द्वारा किसी भी तरह की फायरिंग से इनकार करने के मुद्दे पर दीपके ने पलटवार किया:

  1. अस्पतालों में घायल छात्रों से मुलाकात: दीपके ने दावा किया कि उन्होंने खुद बिहार के अस्पतालों का दौरा किया है और वहां भर्ती घायल छात्रों से सीधे मुलाकात की है।

  2. घातक हथियारों का इस्तेमाल: उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ ‘बेल्ट गन’ और एके-47 जैसे गंभीर हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए और कुछ ने अपनी आंखों की रोशनी तक खो दी।

  3. विपक्ष से एकजुटता की अपील: दीपके ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले हथियारों का प्रयोग छात्रों पर किया गया, इसलिए लोकतंत्र की रक्षा के लिए देश के सभी नागरिकों और विपक्षी दलों को एक मंच पर आना चाहिए।

राष्ट्रीय एवं राजनीतिक ब्यूरो: मुंबई

सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,


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