रांची RIMS में घपले की जांच करने पहुंची CID

रांची RIMS में बड़ा प्रशासनिक हड़कंप: नामांकन और टेंडर में महाघोटाले की शिकायत, जांच के लिए पहुंचीं CID की 2 टीमें

झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल और आयुर्विज्ञान संस्थान, रिम्स (RIMS – Rajendra Institute of Medical Sciences) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। संस्थान में हुए नामांकन (Admissions) और विभिन्न टेंडरों में बड़े पैमाने पर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं (घपले) की शिकायत के बाद सूबे की सीआईडी (CID) विंग पूरी तरह एक्शन में आ गई है। इन गंभीर आरोपों की परतें खोलने के लिए सीआईडी की दो अलग-अलग टीमों ने रिम्स परिसर में पहुंचकर अपनी जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है।

🔍 किन मामलों में है घपले की शिकायत?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिम्स प्रबंधन और कुछ अधिकारियों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद सरकार के निर्देश पर यह जांच बैठाई गई है:

  • नामांकन में गड़बड़ी का आरोप: विभिन्न मेडिकल और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को फायदा पहुंचाने और नामांकन प्रक्रिया में हेरफेर करने की गंभीर शिकायत है।

  • टेंडर अलॉटमेंट में महाघोटाला: अस्पताल में दवाओं की आपूर्ति, चिकित्सा उपकरणों की खरीद, सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई जैसे बड़े ठेकों (टेंडरों) के आवंटन में भारी वित्तीय अनियमितता और चहेती कंपनियों को अनुचित लाभ देने के आरोप हैं।

🏢 रिम्स परिसर में CID की ताबड़तोड़ छापेमारी

शिकायतों की प्रारंभिक सत्यता को देखते हुए सीआईडी के आला अधिकारियों के निर्देश पर दो टीमें गठित की गईं:

  • दस्तावेजों को लिया कब्जे में: सीआईडी की टीमों ने रिम्स के प्रशासनिक भवन, टेंडर सेल और नामांकन से जुड़े विभागों में पहुंचकर महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है।

  • अधिकारियों से पूछताछ: टीम के अधिकारियों ने रिम्स के संबंधित अनुभागों के प्रभारियों और कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी बंद कमरे में पूछताछ की है। कंप्यूटर हार्ड डिस्क और डिजिटल डेटा को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

🛑 मामले पर प्रशासनिक हलचल तेज

इस अचानक हुई हाई-प्रोफाइल जांच से रिम्स के प्रशासनिक खेमे और ठेकेदारों के बीच हड़कंप मच गया है। कई अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने सेबच रहे हैं।

सीआईडी सूत्रों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों की बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है। यदि टेंडर आवंटन और नामांकन में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो जल्द ही इस मामले में संलिप्त बड़े अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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