CBI ने टिहरी प्रोफेसर को दबोचा!
🔥 ब्रेकिंग न्यूज़: उत्तराखंड पेपर लीक रैकेट पर बड़ा एक्शन!
उत्तराखंड परीक्षा धांधली: CBI ने टिहरी गढ़वाल के असिस्टेंट प्रोफेसर को किया गिरफ्तार; नकल के तार उच्च शिक्षा संस्थान से जुड़े
[नई दिल्ली/देहरादून, 28 नवंबर 2025]
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उत्तराखंड स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में अपनी जांच को तेज़ करते हुए एक बड़ा खुलासा किया है। CBI ने आज टिहरी गढ़वाल स्थित शहीद श्रीमती हंसा धनाई राजकीय महाविद्यालय के एक असिस्टेंट प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पेपर लीक षडयंत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी के प्रमाण मिलने के बाद की गई है।
🚨 प्रोफेसर का चौंकाने वाला रोल
CBI की गहन जांच में पता चला है कि गिरफ्तार प्रोफेसर ने पहले पकड़े गए दो निजी व्यक्तियों (भाई-बहन) के साथ मिलकर इस आपराधिक साज़िश को अंजाम दिया था।
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नकल की साज़िश: पुलिस हिरासत में लिए गए भाई और बहन के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सबूतों के मूल्यांकन के बाद प्रोफेसर की भूमिका सामने आई।
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परीक्षा में मदद: जांच के अनुसार, प्रोफेसर ने उस आरोपी भाई की मदद की, जो परीक्षा में शामिल हो रहा था। आरोपी की बहन ने परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र का कुछ हिस्सा प्रोफेसर को भेजा।
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सॉल्व कर भेजा समाधान: प्रोफेसर ने प्रश्न पत्र के उस हिस्से को हल किया और तुरंत समाधान परीक्षा दे रहे आरोपी को वापस भेज दिया।
💰 जांच का दायरा बढ़ा
यह मामला उत्तराखंड सरकार द्वारा CBI को सौंपा गया था। इस गिरफ्तारी से साफ है कि उत्तराखंड भर्ती घोटाला सिर्फ निजी गिरोहों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार सरकारी शैक्षणिक संस्थानों से भी जुड़े हुए थे। CBI इस शैक्षणिक भ्रष्टाचार की गहराई से जांच कर रही है।
CBI ने असिस्टेंट प्रोफेसर को मेडिकल जांच के बाद नामित कोर्ट में पेश करेगी। पेपर लीक रैकेट से जुड़े अन्य सभी पहलुओं पर दैनिक आधार पर जांच जारी है।

