रेलवे इंजीनियर को 1 साल की कैद
⚖️ ब्रेकिंग: पूर्व रेलवे अधिकारी को रिश्वत मामले में सज़ा
सीबीआई कोर्ट विजयवाड़ा का बड़ा फैसला; ₹11,200 की रिश्वत (डिजिटल कैमरा) लेने पर असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर को एक साल की कैद
[विजयवाड़ा, 28 नवंबर 2025]
भ्रष्टाचार पर नकेल कसते हुए, सीबीआई न्यायालय, विजयवाड़ा ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दक्षिण मध्य रेलवे के एक पूर्व अधिकारी, मट्टा धर्म राव, को रिश्वतखोरी के मामले में दोषी ठहराया और सज़ा सुनाई।
🧑⚖️ दोषी और सज़ा का विवरण
| विवरण | जानकारी |
| दोषी का नाम | मट्टा धर्म राव |
| पद (तत्कालीन) | सहायक मण्डल अभियंता (Assistant Divisional Engineer), दक्षिण मध्य रेलवे, भीमावरम, पश्चिम गोदावरी |
| सज़ा | एक वर्ष का कारावास |
| जुर्माना | ₹1,500 |
| फैसले की तारीख | 28 नवंबर, 2025 |
🚨 क्या था मामला?
सीबीआई ने यह मामला 29.11.2006 को दर्ज किया था, जब मट्टा धर्म राव भीमावरम में पदस्थ थे।
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रिश्वत की मांग: आरोप था कि धर्म राव ने एक सरकारी कर्मचारी के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया।
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रिश्वत का स्वरूप: उन्होंने शिकायतकर्ता, जो एक रेलवे ठेकेदार था, से ₹11,200 की कीमत का डिजिटल कैमरा (चार्जर और बैटरी सहित) रिश्वत के तौर पर माँगा और स्वीकार किया।
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रिश्वत का कारण: यह रिश्वत ठेकेदार के ₹1,87,000 का बिल पारित करने के लिए परितोष के रूप में और ₹77,000 के एक लंबित बिल को पारित करने के मकसद से दी गई थी।
📅 जांच और कानूनी प्रक्रिया
जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने 11.06.2007 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र (Chargesheet) दायर किया था। लगभग 18 साल तक चली सुनवाई के बाद, माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सज़ा सुनाई।

