इंडी गठबंधन और वोटर लिस्ट पर भाजपा का हमला
इंडी’ गठबंधन तो बैठक के पहले ही बिखर गया। डीएमके बैठक में नहीं आ रही। अखिलेश जी कहीं और व्यस्त हैं। ‘आप’ ने पहले ही मना कर दिया। उद्धव जी वर्चुअली जुड़ेंगे। यह क्यों हो रहा है? क्योंकि ‘इंडी’ गठबंधन राहुल गांधी जी को नेता मानने को तैयार ही नहीं है। राहुल जी की लीडरशिप स्वीकार नहीं है। ‘इंडी’ ब्लॉक को तो छोड़ दीजिए, कांग्रेस के नेता भी राहुल गांधी जी को नेता मानने को तैयार नहीं हैं। जिसे कांग्रेस ही नेता नहीं मानती, उसे देश नेता कैसे मानेगा?
मैं कांग्रेस से भी पूछना चाहता हूँ कि शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा है और अगर मतदाता सूची में गलत नाम जुड़े तो लोकतंत्र ही मर जाएगा। आपको इस पर क्या आपत्ति है कि अगर कोई जीवित नहीं है और उसका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया जाए, कहीं डुप्लीकेशन है, कोई देश का नागरिक ही नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट में क्यों जुड़ना चाहिए? पवित्र लोकतंत्र के लिए मतदाता सूची साफ-सुथरी होना ही चाहिए।
