बिहार: किसानों को मिली डिजिटल आईडी
बिहार में ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अभियान का आगाज: अब किसानों के पास होगी अपनी डिजिटल पहचान
बिहार के किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा उन तक पहुँचाने के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ विशेष अभियान की शुरुआत हो गई है। मंगलवार (12 मई 2026) को बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पटना के मीठापुर स्थित कृषि भवन में इस महत्वाकांक्षी अभियान का शुभारंभ किया।
अभियान का लक्ष्य और समय-सीमा
यह विशेष अभियान 12 मई से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलेगा। सरकार का लक्ष्य राज्य के करीब 1 करोड़ 80 लाख किसानों को डिजिटल पहचान (Farmer ID) प्रदान करना है।
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वर्तमान प्रगति: अब तक कृषि विभाग के पोर्टल पर 88.40 लाख किसानों का ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा हो चुका है।
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आईडी जनरेशन: इनमें से 47.85 लाख किसानों की फार्मर आईडी तैयार हो चुकी है, जबकि शेष 40.54 लाख किसानों की आईडी इस अभियान के दौरान बनाई जाएगी।
किसानों को सीधा फायदा: बिचौलियों का अंत
शुभारंभ के मौके पर फुलवारीशरीफ प्रखंड के पांच किसानों (लछमिनिया देवी, सुनील कुमार सिंह, रामप्रवेश सिंह, अजय कुमार और उदय कुमार) को प्रतीकात्मक रूप से फार्मर आईडी सौंपी गई। कृषि मंत्री ने इसके लाभ गिनाते हुए कहा:
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पारदर्शिता: सरकार और किसान के बीच सीधा संबंध स्थापित होगा, जिससे बिचौलियों का प्रभाव खत्म हो जाएगा।
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विवादों का निपटारा: डिजिटल रिकॉर्ड होने से भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी और सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा।
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सुविधा: किसानों को योजनाओं के लाभ के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
मुख्य सचिव का बयान: “रियल टाइम खेती की जानकारी”
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि फार्मर आईडी बनने से खेती की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध होगी। साथ ही, जमीन का परिमार्जन (Correction) भी स्वतः हो जाएगा, जिससे किसानों का कीमती समय बचेगा।
समारोह में उपस्थिति: इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, राजस्व सचिव जय सिंह, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
(रिपोर्ट: नरेश अग्रवाल, पटना):
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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