बिहार: अब राशन दुकानों से मिलेगा कोयला
गैस संकट से निपटने के लिए सरकार का बड़ा कदम: अब राशन की दुकानों से मिलेगा खाना पकाने का कोयला

पटना: पश्चिम एशिया (ईरान-इजराइल-अमेरिका) में जारी तनाव और युद्ध के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन पर पड़े वैश्विक असर को देखते हुए बिहार सरकार ने एक बड़ा और एहतियाती कदम उठाया है। राज्य में एलपीजी (LPG) गैस सिलिंडरों की संभावित कमी और आपूर्ति में आ रही बाधा से निपटने के लिए अब राशन की दुकानों (PDS) के जरिए खाना पकाने वाला कोयला वितरित करने का निर्णय लिया गया है।
युद्ध का असर: ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित
राज्य सरकार द्वारा सभी जिलाधिकारियों (DMs) को लिखे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस और तेल की आपूर्ति बाधित हुई है। बिहार में भी गैस सिलिंडरों की उपलब्धता पर इसका असर दिखने लगा है, जिससे आम जनता को रसोई चलाने में कठिनाई हो रही है।
आपदा प्रबंधन कानून के तहत लिया गया फैसला
इस संकट को एक आकस्मिक आपदा मानते हुए सरकार ने निम्नलिखित रणनीतियों पर मुहर लगाई है:
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कानूनी आधार: आपदा प्रबंधन कानून, 2005 की शक्तियों का उपयोग करते हुए यह कदम उठाया गया है।
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किसे मिलेगा लाभ: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के तहत आने वाले सभी राशन कार्ड धारकों को कुकिंग कोल (कोयला) उपलब्ध कराया जाएगा।
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सप्लाई चेन तैयार: राज्य सरकार ने ‘कोल हेड’ से लेकर घरों तक कोयला पहुँचाने के लिए एक सुव्यवस्थित सप्लाई चेन नेटवर्क तैयार कर लिया है।
राशन दुकानों की नई जिम्मेदारी
अब आपके नजदीकी राशन डिपो पर न केवल अनाज, बल्कि खाना पकाने के लिए कोयला भी उपलब्ध होगा। सरकार का मानना है कि इस वैकल्पिक ईंधन के जरिए गैस सिलिंडर की किल्लत के बावजूद लोगों के घरों में चूल्हा जलता रहेगा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
महत्वपूर्ण बिंदु:
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उद्देश्य: गैस सिलिंडर की कमी से उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान।
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क्रियान्वयन: सभी जिलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से व्यवस्था लागू करने के निर्देश।
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वितरण: पारदर्शी तरीके से राशन कार्ड के माध्यम से वितरण प्रक्रिया।
निष्कर्ष: पश्चिम एशिया के हालातों ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है, लेकिन बिहार सरकार की यह पहल जमीनी स्तर पर आम आदमी को बड़ी राहत देने वाली साबित हो सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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