बरेली: गन्ना बकाया पर भड़कीं सुनीता
बरेली में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान पर घमासान: नीलामी टलने पर ‘पैनी नजर’ संस्था ने खोला मोर्चा, जनआंदोलन की चेतावनी
विशेष प्रादेशिक एवं कृषि ब्यूरो: बरेली
जनपद बरेली में गन्ना किसानों के लंबे समय से लंबित बकाया भुगतान को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी बरेली की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गन्ना विभाग के अधिकारी, किसान संगठन, ‘पैनी नजर’ सामाजिक संस्था और नवाबगंज के किसानों का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। बैठक के दौरान बहेड़ी और ओसवाल चीनी मिलों के बकाया भुगतान की चल रही प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई।
हालांकि, नीलामी की तिथियां आगे बढ़ाए जाने से किसान नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ओसवाल मिल की भूमि नीलामी टली: कानपुर टीम सस्पेंड, अब पुणे की टीम करेगी मूल्यांकन
बैठक के बाद ‘पैनी नजर’ सामाजिक संस्था की अध्यक्ष सुनीता गंगवार ने प्रशासनिक फैसलों की जानकारी देते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की:
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पुणे की टीम करेगी नया मूल्यांकन: जिलाधिकारी महोदय ने बताया कि इससे पहले ओसवाल चीनी मिल की भूमि का मूल्यांकन ‘कानपुर शुगर इंस्टीट्यूट’ द्वारा किया गया था। गड़बड़ियों के चलते उस पूरी मूल्यांकन टीम को सस्पेंड कर दिया गया है। अब नए सिरे से मूल्यांकन का काम पुणे की विशेषज्ञ टीम करेगी।
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अगस्त के बजाय अब सितंबर में नीलामी: मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव के कारण जो नीलामी पहले अगस्त माह में होनी तय थी, उसे अब टालकर सितंबर माह में कर दिया गया है।
“नेताओं की गंदी राजनीति की भेंट चढ़ रहा किसानों का भुगतान” – सुनीता गंगवार
संस्था अध्यक्ष सुनीता गंगवार ने राजनेताओं और प्रक्रिया में अड़ंगा डालने वालों पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा:
“यह सब स्थानीय नेताओं की देन है, जो प्रक्रिया में बार-बार विघ्न डालकर और कानूनी आपत्तियां लगाकर किसानों के हक के भुगतान को रोकने का षड्यंत्र रच रहे हैं। पहले अगस्त में ओसवाल की नीलामी होनी थी, जिसे अब सितंबर कर दिया गया। यह किसानों के साथ घोर अन्याय और विश्वासघात है। नेता केवल अपने राजनीतिक हित साधने के लिए इस मुद्दे को जीवित रखना चाहते हैं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना एक बड़े जनआंदोलन के किसानों का भुगतान होना संभव नहीं लगता, इसलिए क्षेत्र के सभी किसानों को एकजुट होकर कमर कस लेनी चाहिए।
बहेड़ी चीनी मिल की नीलामी भी 7 बार हुई रद्द
बैठक के दौरान जिलाधिकारी बरेली ने यह भी खुलासा किया कि बहेड़ी चीनी मिल की नीलामी प्रक्रिया को भी अब तक 7 बार रद्द कराया जा चुका है, जिससे सीधे तौर पर आम किसान प्रभावित हो रहा है।
सुनीता गंगवार ने आरोप लगाया कि पक्ष-विपक्ष के नेता केवल चुनावी रोटियां सेंकने के लिए बार-बार नीलामी में बाधा बन रहे हैं, जिससे अन्नदाता दाने-दाने को मोहताज है।
अपराध एवं प्रादेशिक ब्यूरो: अमरजीत सिंह बरेली
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
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