बरेली जगन्नाथ मंदिर कब्जे का आरोप
बरेली: 535 साल पुराने जगन्नाथ मंदिर पर कब्जे का आरोप, सेवादारों ने एसएसपी से की शिकायत
रिपोर्ट: सोशल मीडिया डेस्क (बरेली)
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक बड़ा धार्मिक और प्रशासनिक विवाद सामने आया है। शहर के ऐतिहासिक और बेहद प्राचीन श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए मंदिर के सेवादारों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित तहरीर देकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है [cite: 535 साल पुराने जगन्नाथ मंदिर पर कब्जे का आरोप, एसएसपी से शिकायत , शहर के प्राचीन श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर पर कब्जे का आरोप लगाते हुए सेवादारों ने एसएसपी को तहरीर दी है। ]। सेवादारों का आरोप है कि एक मंडल द्वारा मंदिर की स्थापित व्यवस्थाओं को जानबूझकर बिगाड़ा जा रहा है।
पीढ़ियों से सेवा कर रहे परिवार का आरोप
एसएसपी कार्यालय पहुंचे बाग बुगतान निवासी वीरपाल राजपूत और उनके साथ आए अन्य सेवादारों ने मंदिर के इतिहास और वर्तमान स्थिति को लेकर कई गंभीर बातें सामने रखी हैं:
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535 वर्ष पुराना इतिहास: सेवादारों के अनुसार, यह मंदिर लगभग 535 साल पुराना है और उनका परिवार पीढ़ियों से इस पावन धाम की निस्वार्थ देखरेख और सेवा करता आ रहा है [cite: बाग बुगतान निवासी वीरपाल राजपूत समेत अन्य सेवादारों का कहना है कि लगभग 535 वर्ष पुराने इस मंदिर की देखरेख वह पीढ़ियों से करते आ रहे हैं।]।
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कैसे बदला व्यवस्थापक?: सेवादारों ने बताया कि पूर्व महंत रामनारायण जी के स्वर्गवास (निधन) के बाद, तुलसी स्थल के महंत नीरज नयन दास जी को मंदिर की व्यवस्थाएं सौंपी गई थीं। उन्होंने बाद में ‘राधा संकीर्तन मंडल’ को मंदिर का नया व्यवस्थापक नियुक्त कर दिया।
राधा संकीर्तन मंडल पर गुंडागर्दी और धमकी के आरोप
एसएसपी को दी गई तहरीर में सेवादारों ने राधा संकीर्तन मंडल के पदाधिकारियों और सदस्यों पर बेहद संगीन आरोप मढ़े हैं:
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व्यवस्था खराब करने का प्रयास: आरोप है कि मंडल से जुड़े लोग मंदिर की पवित्रता और सदियों पुरानी व्यवस्था को लगातार खराब कर रहे हैं.
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लड़ाई-झगड़े का माहौल: मंदिर परिसर के भीतर आए दिन लड़ाई-झगड़े और तनाव का माहौल पैदा किया जा रहा है.
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बाहरी लोगों से धमकियां: सेवादारों का कहना है कि मंडल के लोग मंदिर परिसर में बाहरी और असामाजिक तत्वों को लेकर आते हैं और वैध सेवादारों को डराने-धमकाने के साथ-साथ मंदिर छोड़ने की धमकियां दे रहे हैं.
वैध सर्वकार अशोक दास हैं वर्तमान मुखिया
शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि कानूनी और रिकॉर्ड के अनुसार, वर्तमान में श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर के रजिस्टर्ड सर्वकार (मुख्य संचालक) अशोक दास हैं। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर मंदिर की संपत्ति और व्यवस्था पर वर्चस्व कायम करने की कोशिश की जा रही है।
सेवादारों ने एसएसपी से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने, प्राचीन मंदिर को बाहरी तत्वों के चंगुल से कब्जामुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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