बरेली: नाले में गिरे युवक का शव मिला
बरेली: खुले नाले ने ली युवक की जान, 30 घंटे बाद NDRF ने निकाला शव, नगर निगम पर उठे सवाल 💔🏗️
30 घंटे का संघर्ष: गंदगी और स्लैब ने बढ़ाई मुश्किलें
बरेली के सेटेलाइट बस अड्डे के पास मंगलवार रात खुले नाले में गिरे युवक का शव आखिरकार 30 घंटे के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को नाले में जमा भारी कचरे, गंदगी और तेज बहाव के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रामपुर से मंगाई गई पोकलेन मशीनों से नाले के ऊपर पड़े कंक्रीट स्लैब को कई जगह से तोड़कर और पानी बाहर निकालकर टीमें अंदर पहुंच सकीं।

CCTV में कैद हुआ खौफनाक मंजर, मृतक की पहचान 📹
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हादसा: मंगलवार रात करीब 9:30 बजे युवक अचानक सड़क किनारे खुले गहरे नाले में सीधे गिर गया। यह पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।
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पहचान: शव मिलने के बाद मृतक की पहचान हरदोई निवासी तौहीद के रूप में हुई है। शिनाख्त होते ही परिजनों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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जांच: शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक नशे की हालत में था और अंधेरे में खुले नाले का अंदाजा नहीं लगा सका।

स्मार्ट सिटी के दावों की खुली पोल, नगर निगम पर भारी आक्रोश 📉
इस दर्दनाक हादसे ने बरेली की स्मार्ट सिटी परियोजना की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
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बदहाल व्यवस्था: स्थानीय लोगों का आरोप है कि होली से पहले सफाई के लिए नगर निगम ने नाले का स्लैब हटाया था, लेकिन उसे दोबारा नहीं ढका गया। यही लापरवाही तौहीद की मौत की वजह बनी।
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प्रशासन की मौजूदगी: पूरे ऑपरेशन के दौरान एडीएम सिटी, नगर आयुक्त और क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी मौके पर डटे रहे। प्रशासन ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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जनता का गुस्सा: खुले नाले, अधूरी व्यवस्थाएं और प्रशासनिक लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही हैं, जिससे शहरवासियों में भारी आक्रोश है।
मुख्य जानकारी:
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मृतक: तौहीद (निवासी हरदोई)।
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स्थान: सेटेलाइट बस अड्डा, बरेली।
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रेस्क्यू: 30 घंटे (NDRF-SDRF)।
बरेली से रोहिताश कुमार भास्कर
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

