बरेली: 1.88 करोड़ का काला धन सफेद
Bareilly Police Breakthrough: अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग गिरोह का भंडाफोड़, साइबर ठगी के ₹1.88 करोड़ को किया ‘सफेद’
बरेली: उत्तर प्रदेश की बरेली पुलिस ने साइबर अपराध की दुनिया में एक बड़े नेक्सस को ध्वस्त करते हुए ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का राजफाश किया है, जो ठगी की काली कमाई को ‘सफेद’ (Money Laundering) करने का काम करता था। यह गिरोह बोगस फर्मों और फर्जी बैंक खातों के जरिए मनी ट्रेल तोड़कर पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।
नोएडा की फर्जी फर्म ‘रहमान इंटरनेशनल’ से चल रहा था खेल
जांच में सामने आया कि गिरोह ने नोएडा के सेक्टर 63 में ‘रहमान इंटरनेशनल’ नाम से एक फर्जी फर्म पंजीकृत करा रखी थी। कागजों पर यह कंपनी टर्की में जरी (Zari) का माल सप्लाई करने का दावा करती थी, लेकिन भौतिक सत्यापन में वहां केवल एक कमरा और बोर्ड ही मिला। असल में इस फर्म का इस्तेमाल ठगी की रकम को वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था।
कैसे काम करता था गिरोह? (18% और 8% का खेल)
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
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कमीशन का गणित: फर्म अपने खातों के जरिए रकम ट्रांसफर करने के बदले 18 प्रतिशत कमीशन लेती थी, जबकि फर्जी खाते उपलब्ध कराने वालों को 8 प्रतिशत हिस्सा दिया जाता था।
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मनी ट्रेल तोड़ना: साइबर ठगी से आने वाले लाखों रुपये को अलग-अलग बैंक खातों में भेजा जाता था ताकि जांच एजेंसियां असली गुनहगारों तक न पहुंच सकें।
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बीमा का झांसा: गिरोह के सदस्य मासूम लोगों को बीमा की रकम दिलाने का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर उन खातों का इस्तेमाल अवैध ट्रांजेक्शन के लिए करते थे।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस ने इस मामले में मुहम्मद नवी (केसरपुर, बरेली) समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनके पास से:
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एक कार
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54 हजार रुपये नकद
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मोबाइल और टैबलेट
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10 बैंक खाते (जिनमें ₹1.88 करोड़ का लेनदेन हुआ) बरामद किए गए हैं।
मास्टरमाइंड और विदेशी कनेक्शन
इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड दिल्ली निवासी तरुण कौशिक बताया जा रहा है, जो रजा हुसैन के जरिए गिरोह को ऑपरेट कर रहा था। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह का सदस्य फरमान सीधे नाइजीरिया के साइबर ठगों के संपर्क में था। पुलिस अब डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने के लिए फोरेंसिक टीम की मदद ले रही है।
पुलिस का बयान
अंशिका वर्मा (एसपी साउथ, बरेली) ने बताया, “साइबर ठगी की रकम को बोगस फर्म के माध्यम से सफेद करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को जेल भेजा गया है। गिरोह के अन्य वांछित सदस्यों और सरगना की तलाश में दबिश दी जा रही है। ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग का यह आंकड़ा जांच के साथ और बढ़ सकता है।”
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