इजरायल में ‘हिंदुस्तान’ पर हमला!
इजरायल के ‘लिटिल इंडिया’ पर ईरान का हमला, परमाणु केंद्र के पास भारी तबाही 🇮🇱🇮🇳
नतान्ज का बदला: डिमोना पर बरसीं मिसाइलें
ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष अब रिहायशी इलाकों तक पहुँच गया है। शनिवार को ईरान ने इजरायल के डिमोना (Dimona) शहर पर भीषण मिसाइल हमला किया। यह कार्रवाई ईरान के नतान्ज परमाणु केंद्र पर हुए हमले के जवाब में की गई थी। इस हमले ने न केवल इमारतों को मलबे में तब्दील कर दिया, बल्कि परमाणु ठिकानों के करीब होने के कारण दुनिया भर में चिंता पैदा कर दी है।
100 से ज्यादा घायल, एयर डिफेंस सिस्टम विफल 📉
न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, भारी वजन वाले वारहेड से लैस बैलिस्टिक मिसाइलों ने शहर में गहरे गड्ढे बना दिए।
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हताहत: अराद में 84 और डिमोना में 33 लोग घायल हुए हैं। कुल घायलों की संख्या 100 के पार पहुँच गई है, जिनमें से कई की हालत नाजुक है।
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परमाणु केंद्र की स्थिति: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने स्पष्ट किया है कि परमाणु केंद्र सुरक्षित है और फिलहाल किसी भी तरह के रेडिएशन (विकिरण) लीक की खबर नहीं है।
डिमोना: इजरायल में बसता एक ‘छोटा भारत’ 🇮🇳
डिमोना शहर अपनी भारतीय पहचान के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इसे ‘लिटिल इंडिया’ कहा जाता है क्योंकि:
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भारतीय आबादी: यहाँ लगभग 7,500 भारतीय-यहूदी रहते हैं, जो शहर की कुल आबादी का 30% हैं।
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संस्कृति: यहाँ की गलियों में मराठी और हिंदी की गूँज सुनाई देती है। लोग क्रिकेट के दीवाने हैं और दुकानों पर जलेबी, फाफड़ा, चाट और सोनपापड़ी जैसे भारतीय व्यंजन मिलते हैं।
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इतिहास: यहाँ रहने वाले अधिकांश लोग 1950 और 60 के दशक में महाराष्ट्र (बेने इजरायली), केरल और कोलकाता से जाकर बसे थे। हाल ही में मिजोरम और मणिपुर के ‘बनेई मेनाशे’ समुदाय के लोग भी यहाँ आकर बसे हैं।
भारतीय दूतावास की नजर ⚖️
तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास इस स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। डिमोना के अलावा हाइफा, तेल अवीव और नेतन्या जैसे शहरों में भी भारतीय मूल की बड़ी आबादी रहती है। हमले के बाद भारतीय समुदाय में डर का माहौल है, क्योंकि मिसाइलें उन रिहायशी इलाकों में गिरी हैं जहाँ दशकों से भारतीय परिवार शांति से रह रहे हैं।
मुख्य बिंदु:
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टारगेट: डिमोना शहर और निकटवर्ती परमाणु प्रतिष्ठान।
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नुकसान: रिहायशी इमारतें ध्वस्त, 100 से अधिक नागरिक घायल।
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पहचान: मराठी भाषी भारतीय-यहूदी समुदाय का प्रमुख केंद्र।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

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