ऑपरेशन सिंदूर पर आसिम मुनीर का झूठ

ऑपरेशन सिंदूर पर आसिम मुनीर ने फिर बोला झूठ; भारत के साथ संघर्ष को बताया ‘दो विचारधाराओं की जंग’

रावलपिंडी: पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए पिछले साल हुए सैन्य संघर्ष को ‘दो विचारधाराओं की लड़ाई’ करार दिया है। रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय (GHQ) में ‘मारका-ए-हक’ (जिसे भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत करारा जवाब दिया था) की पहली वर्षगांठ पर मुनीर ने झूठे दावे करते हुए इसे पाकिस्तान की रणनीतिक जीत बताया।


संघर्ष को दिया वैचारिक रंग

समारोह को संबोधित करते हुए जनरल मुनीर ने दावा किया कि 6 से 10 मई के बीच हुआ यह संघर्ष केवल दो सेनाओं का युद्ध नहीं, बल्कि एक वैचारिक निर्णायक युद्ध था।

  • झूठा दावा: मुनीर ने आरोप लगाया कि भारत ने पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया, जिसका जवाब उनकी सेना ने ‘श्रेष्ठ रणनीति’ के साथ दिया। हकीकत में, भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तानी सैन्य मंसूबों को बुरी तरह ध्वस्त कर दिया था।

  • मल्टी-डोमेन युद्ध: भविष्य की चुनौतियों पर मुनीर ने कहा कि अब युद्ध ‘मल्टी-डोमेन’ (बहु-आयामी) होंगे, जिसके लिए पाकिस्तान नई पनडुब्बियों, रॉकेट बल और आधुनिक लड़ाकू विमानों की खरीद कर रहा है।

पाकिस्तानी मंत्री के बयान पर बवाल: “मैं मुनीर का कार्यकर्ता हूँ”

सैन्य प्रमुख के इस बयान के बीच पाकिस्तान की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री अली परवेज मलिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की टीम का एक “साधारण कार्यकर्ता” बताया।

  • लोकतंत्र पर सवाल: एक कैबिनेट मंत्री द्वारा सेना प्रमुख को अपना ‘नेता’ या ‘बॉस’ बताना पाकिस्तान में चल रहे ‘हाइब्रिड’ शासन (सेना और सरकार का गठजोड़) की पोल खोलता है।

  • आलोचना: सोशल मीडिया पर इस बयान की तीखी आलोचना हो रही है। आलोचकों का कहना है कि यह लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है और दर्शाता है कि पाकिस्तान की चुनी हुई सरकार पूरी तरह से सेना के इशारों पर नाच रही है।

तेल की कीमतों पर राजनीति

ऊर्जा मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट का लाभ जनता तक पहुँचाने का वादा कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि जनता के गुस्से से बचने के लिए मंत्री सेना प्रमुख के नाम का सहारा लेकर खुद को सुरक्षित दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

 (Allrights Magazine)


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