फिलीपींस में मिले प्राचीन त्रिशूल-वज्र
1. फिलीपींस में मिले प्राचीन सनातन प्रतीक 🔱
न्यूज़: मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय रिसर्च स्कॉलर सैयद शमीर हुसैन ने दावा किया है कि फिलीपींस में खनन के दौरान भगवान शिव का त्रिशूल और भगवान इंद्र का वज्र प्राप्त हुआ है। उनके अनुसार, यह त्रिशूल लगभग 10,000 वर्ष और वज्र 3,000 वर्ष पुराना है। इन दुर्लभ कलाकृतियों को 2015 में खोजा गया था और 2016 में इन्हें भारत लाया गया, जिसके बाद से इन पर गहन शोध जारी है।
2. आस्था और शोध का अद्भुत संगम ✨
न्यूज़: सैयद शमीर हुसैन ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन प्रतीकों की खोज के बाद उनके जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आए। उन्होंने इस ऐतिहासिक खोज की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई मंत्रियों को भी पत्र लिखकर दी है।

इस मौके पर वैज्ञानिक डॉ. वी. जयराज और वकील दीपेश मेहता सहित कई विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज सनातन परंपरा के वैश्विक प्रभाव को समझने में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।
3. नीलामी और समाज सेवा का संकल्प 💰
न्यूज़: इन दुर्लभ कलाकृतियों की नीलामी 10 जून को प्रस्तावित है। त्रिशूल की शुरुआती कीमत 500 करोड़ रुपये और वज्र की 250 करोड़ रुपये रखी गई है। सैयद शमीर हुसैन ने संकल्प लिया है कि नीलामी से प्राप्त राशि का एक बड़ा हिस्सा चैरिटी, अनाथालयों की सहायता और बेसहारा बच्चों की शिक्षा के लिए उपयोग किया जाएगा। यह पहल न केवल सांस्कृतिक विरासत को सहेजने बल्कि सामाजिक उत्थान की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
मुंबई (अनिल बेदाग)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

