एआई और तकनीक से स्मार्ट बनेगा भारत का माइनिंग सेक्टर

एआई और डिजिटल तकनीक से बदलेगी देश के माइनिंग सेक्टर की तस्वीर: फिक्की सम्मेलन में विशेषज्ञों ने दी स्मार्ट खनन की रूपरेखा     

मुंबई/नई दिल्ली: भारत के माइनिंग और मेटल्स (Mining & Metals) क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और उन्नत डिजिटल तकनीक बदलाव की एक नई इबारत लिख रहे हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) द्वारा आयोजित ‘डिजिटलाइजेशन, एआई, ऑटोमेशन एंड टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन इन माइनिंग एंड मेटल्स’ सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया।

सम्मेलन में सर्वसम्मति से यह बात सामने आई कि आधुनिक तकनीकों के समावेश से भारत में खनन कार्य को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, पर्यावरण के अनुकूल और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।

डेटा और एआई बनेंगे उद्योग व समाज के बीच भरोसे का सेतु

सम्मेलन को संबोधित करते हुए विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने डिजिटल माइनिंग के महत्व और उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए:

  • संसदीय दृष्टिकोण (डॉ. सस्मित पात्रा, राज्यसभा सांसद): उन्होंने कहा कि एआई और डिजिटलाइजेशन बेहतर रियल-टाइम निगरानी, पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया और जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन को सक्षम बनाकर माइनिंग सेक्टर की पूरी व्यवस्था को बदल सकते हैं। डेटा केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि उद्योग और समाज के बीच भरोसे का सबसे बड़ा सेतु है।

  • रणनीतिक महत्व (दिनेश महुर, अतिरिक्त सचिव – रक्षा उत्पादन मंत्रालय): उन्होंने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) और एडवांस्ड मैटेरियल्स देश के रक्षा (Defense), एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों की रीढ़ हैं, जिनमें एआई का इस्तेमाल उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा।

प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, ड्रोन और समाधान आधारित तकनीक

माइनिंग सेक्टर में तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उद्योगपतियों ने मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया:

  1. भविष्य की प्रतिस्पर्धा और ऑटोमेशन: फिक्की नॉन-फेरस मेटल्स कमेटी के मेंटर एस.के. रूंगटा के अनुसार, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, ड्रोन मैपिंग, ऑटोनॉमस उपकरण और एआई आधारित समाधान भविष्य की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा तय करेंगे।

  2. समस्याओं का वास्तविक समाधान: डॉ. पंकज सतीजा ने जोर देकर कहा कि उद्देश्य केवल तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि तकनीक के माध्यम से खनन क्षेत्र की वास्तविक जमीनी समस्याओं का समाधान करना और मापने योग्य सकारात्मक परिणाम हासिल करना होना चाहिए।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ भारत को तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में फिक्की की इस पहल का अभिनंदन करती है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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