भ्रष्टाचार पर एक्शन: सुकटिया के प्रशासक अरशद मलिक बर्खास्त
बरेली की सुकटिया ग्राम पंचायत में बड़ा एक्शन: सीसी मार्ग निर्माण में गबन पर प्रधान प्रशासक अरशद मलिक बर्खास्त, एडीओ पंचायत बने नए प्रशासक
बरेली (उत्तर प्रदेश): विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के बंदरबांट के खिलाफ बरेली जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के दमखोदा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सुकटिया में सीसी रोड (Cement Concrete Road) और नाली निर्माण में भारी वित्तीय अनियमितता तथा गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रशासक अरशद मलिक को उनके पद से हटा दिया है।
कार्रवाई के बाद दोषी प्रशासक ने गबन की गई धनराशि के 21 हजार रुपये सरकारी कोष में जमा करा दिए हैं। वहीं, पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने एडीओ पंचायत को सुकटिया ग्राम पंचायत का नया प्रशासक नियुक्त किया है।
10 सेमी की जगह बनाई 5 सेमी सड़क: जांच में खुला भ्रष्टाचार
ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने 1 दिसंबर 2025 को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति का गठन किया था। 8 जनवरी को सौंपी गई प्राथमिक जांच रिपोर्ट और तकनीकी मूल्यांकन में घटिया निर्माण सामग्री और गबन की पोल खुल गई:
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मानकों की उड़ाई धज्जियां: जांच में पाया गया कि कई इलाकों में निर्धारित 10 सेमी. मोटाई की जगह महज 5 सेमी. से 7.5 सेमी. मोटी सड़क बनाकर पूरे बजट का भुगतान उठा लिया गया था।
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सड़कों का ब्योरा और अतिरिक्त भुगतान:
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नत्थू लाल के घर से तेजपाल के घर तक: 10 सेमी. की जगह केवल 5 सेमी. मोटी सड़क पाई गई, जिसमें ₹7,741.18 का फर्जी अतिरिक्त भुगतान हुआ।
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रामपाल के घर से मंदिर तक: 10 सेमी. की जगह 7.5 सेमी. मोटाई मिली, जिसमें ₹6,476.78 का अतिरिक्त भुगतान हुआ।
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भगवान दास के घर से फूलचंद के घर तक: 10 सेमी. की जगह 9 सेमी. मोटाई में ₹2,920.42 का अतिरिक्त भुगतान लिया गया।
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श्यामाचरण के घर से शिवचरण के घर तक: 9.5 सेमी. मोटाई पाई गई, जिसमें ₹3,935.32 की अनियमितता हुई।
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प्रधान प्रशासक और सचिव सुनील कुमार माथुर दोषी करार
जांच समिति द्वारा प्रधान प्रशासक अरशद मलिक और ग्राम पंचायत सचिव सुनील कुमार माथुर को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया:
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नोटिस का गोलमोल जवाब: प्रशासन द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर प्रधान प्रशासक द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाया गया, जबकि सचिव ने नोटिस का कोई जवाब तक देना उचित नहीं समझा।
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पद से बर्खास्तगी व नए प्रशासक की नियुक्ति: तकनीकी जांच रिपोर्ट (21 जुलाई) और अंतिम स्पष्टीकरण (9 सितंबर) की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने अरशद मलिक को पदमुक्त कर दिया और एडीओ पंचायत को नए प्रशासक का कार्यभार सौंप दिया।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ भ्रष्टाचार के खिलाफ बरेली प्रशासन की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई का समर्थन करती है और ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शी विकास कार्यों की मांग करती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
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