ABVP प्रतिनिधिमंडल की उपराष्ट्रपति से भेंट
पंजाब विश्वविद्यालय के मुद्दों पर अभाविप ने उपराष्ट्रपति से की मुलाकात
नई दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को देश के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की। अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी और राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में हुई यह मुलाकात, उपराष्ट्रपति का नया दायित्व ग्रहण करने के बाद संगठन की पहली औपचारिक भेंट थी।
पंजाब विश्वविद्यालय के मुद्दे प्रमुखता से उठाए
प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति के समक्ष पंजाब विश्वविद्यालय (PU) की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण और लंबित मुद्दे प्रमुखता से रखे। अभाविप ने निम्नलिखित मांगों को लेकर अपनी बात रखी:
-
सीनेट में छात्र प्रतिनिधित्व: विश्वविद्यालय की सीनेट में निर्वाचित विद्यार्थी प्रतिनिधियों को उचित स्थान और प्रतिनिधित्व दिया जाए।
-
छात्रावासों का विस्तार: बढ़ती छात्र संख्या के अनुपात में नए छात्रावासों (Hostels) का निर्माण और अवसंरचना का विस्तार हो।
-
शिक्षकों की नियमित नियुक्ति: लंबे समय से खाली चल रहे शिक्षकों के रिक्त पदों पर पारदर्शी और नियमित नियुक्तियां की जाएं।
-
आधुनिक तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उन्नत तकनीकों के लिए विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक केंद्रों की स्थापना हो।
-
मानसिक स्वास्थ्य पर जोर: छात्रों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए योग एवं माइंडफुलनेस सेंटर और स्थायी परामर्शदाताओं (Counselors) से युक्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र बनाए जाएं।
‘स्क्रीन टाइम’ घटाने का अभियान और ‘मिशन साहसी’
मुलाकात के दौरान अभाविप के पदाधिकारियों ने उपराष्ट्रपति को संगठन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न रचनात्मक राष्ट्रीय अभियानों से भी अवगत कराया:
स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम: युवाओं में बढ़ती डिजिटल निर्भरता और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को देखते हुए अभाविप देशव्यापी अभियान चला रही है, ताकि छात्रों का स्क्रीन टाइम घटाकर उन्हें खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सके।
इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पूर्वोत्तर और शेष भारत के छात्रों के बीच सांस्कृतिक एकात्मता बढ़ाने वाले SEIL कार्यक्रम के सफल 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं। साथ ही, ‘मिशन साहसी’ के तहत अब तक देश की 10 लाख से ज्यादा छात्राओं को आत्मरक्षा (Self-Defense) का प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिसका अगला चरण जल्द ही पूरे देश में शुरू होने जा रहा है। बैठक में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष और संत रविदास के 650वें प्राकट्योत्सव पर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की गई।
भेंट रही सार्थक और प्रेरणादायी: राष्ट्रीय महामंत्री
भेंट के बाद अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि माननीय उपराष्ट्रपति महोदय के साथ यह संवाद बेहद सार्थक, सकारात्मक और प्रेरणादायी रहा। उन्होंने भरोसा जताया कि इस चर्चा से उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था को बल मिलेगा।
पॉपुलेशन सर्विस इंटरनेशनल इंडिया जैसी सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

शेखपुरा: स्वास्थ्य सेवाओं में नंबर 1!
