मेरठ में परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प

परिषदीय शिक्षा की बदलती तस्वीर: सीएम योगी के नेतृत्व में मेरठ के स्कूल बन रहे ’21st सेंच्युरी मॉडल स्कूल’

मेरठ/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्राथमिक और परिषदीय शिक्षा व्यवस्था अब केवल पुरानी व्यवस्थाओं के सहारे नहीं चल रही, बल्कि तकनीक और आधुनिक संसाधनों से लैस होकर एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होकर गरीब से गरीब बच्चे के भविष्य को एक नई और उज्ज्वल दिशा दे रहे हैं।

इसी दूरदर्शी पहल के तहत क्रांतिधरा मेरठ में जिला प्रशासन की देखरेख में चयनित परिषदीय विद्यालयों का ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के जरिए कायांतरण किया जा रहा है और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मानकों वाले ’21st Century Model Schools’ (21वीं सदी के मॉडल स्कूल) के रूप में विकसित किया जा रहा है।

21st Century Model School: मेरठ में शिक्षा का नया अध्याय

मेरठ जिला प्रशासन द्वारा चिह्नित किए गए परिषदीय विद्यालयों को अत्याधुनिक और डिजिटल शिक्षण संस्थानों में बदला जा रहा है:

  • स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लर्निंग: पारंपरिक ब्लैकबोर्ड की जगह अब बच्चे स्मार्ट टीवी, कंप्यूटर और डिजिटल स्टडी मटेरियल के माध्यम से कठिन से कठिन विषयों को आसानी से समझ रहे हैं।

  • बेहतर और सुरक्षित वातावरण: स्कूलों में सुंदर एवं आकर्षक बाल-सुलभ इंफ्रास्ट्रक्चर, मॉड्यूलर फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, आधुनिक शौचालय और हरियाली से भरपूर प्रांगण तैयार किया गया है।

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर: केवल इमारतें ही नहीं बदलीं, बल्कि योग्य शिक्षकों के माध्यम से बच्चों के रचनात्मक विकास (Creative Learning) और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

‘ऑपरेशन कायाकल्प’ से साकार हो रहा नए उत्तर प्रदेश का सपना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में शामिल परिषदीय विद्यालयों के इस कायाकल्प ने ग्रामीण और वंचित वर्ग के बच्चों के मन से कॉन्वेंट और प्राइवेट स्कूलों का डर खत्म कर दिया है:

  1. अभिभावकों का बढ़ा विश्वास: परिषदीय स्कूलों में मिली आधुनिक सुविधाओं के कारण अब अभिभावक गर्व के साथ अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेज रहे हैं, जिससे नामांकन (Enrollment) में भारी बढ़ोतरी हुई है।

  2. समान अवसर की दिशा में बड़ा कदम: मेरठ मॉडल यह साबित करता है कि अगर सही मंशा और सुशासन हो, तो सरकारी स्कूल भी 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए विश्वस्तरीय बन सकते हैं।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ मेरठ जिला प्रशासन और राज्य सरकार के इस क्रांतिकारी प्रयास की सराहना करती है, जो ‘विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश’ के सपने को आधारभूत स्तर पर साकार कर रहा है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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