12वां ब्रिक्स संसदीय मंच 2026: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन, भारत की समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत का वैश्विक मंच पर होगा प्रदर्शन
“नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच 2026 की गूंज: भारत की समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत और वैश्विक सहयोग पर प्रेस कॉन्फ्रेंस”
विशेष कूटनीतिक एवं संसदीय रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
नई दिल्ली: राजधानी नई दिल्ली स्थित संसद भवन में आज 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच (BRICS Parliamentary Forum 2026) के भव्य आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश और दुनिया के पत्रकार बंधुओं से संवाद साधते हुए इस वैश्विक सम्मेलन के उद्देश्यों, रूपरेखा और प्राथमिकताओं को साझा किया जा रहा है।
1. वैश्विक मंच पर भारत का लोकतांत्रिक सामर्थ्य
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समृद्ध संसदीय विरासत: 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच भारत की प्राचीन, समृद्ध और सशक्त लोकतांत्रिक परंपराओं को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करने का एक ऐतिहासिक अवसर है।
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संसदीय संवाद को नई दिशा: यह सम्मेलन ब्रिक्स (BRICS) के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों और सांसदों के बीच संसदीय संवाद, पारस्परिक समन्वय और साझा विकास को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।
2. जन-केंद्रित विकास और विचारों का सार्थक आदान-प्रदान
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बहुपक्षीय सहयोग: प्रेस वार्ता में इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि यह मंच सदस्य देशों के मध्य केवल नीतिगत चर्चाओं तक सीमित न रहकर जन-केंद्रित विकास (People-Centric Development) और वैश्विक चुनौतियों के साझा समाधान की दिशा में सार्थक विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम बनेगा।
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22 अक्टूबर 2026 का ऐतिहासिक क्षण: अपराह्न 12:30 बजे आयोजित इस प्रेस वार्ता के साथ ही इस बहुपक्षीय कूटनीतिक आयोजन की आधिकारिक रूपरेखा देश के सामने रखी जा रही है।
3. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: भारत का बढ़ता वैश्विक कद
वैश्विक कूटनीति और बहुपक्षीय संगठनों के संचालन में भारत का नेतृत्व लगातार मजबूत हो रहा है। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ संसदीय लोकतंत्र और जन-कल्याणकारी नीतियों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साझा करना भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रतीक है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ राष्ट्रीय मामलों, संसदीय प्रक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक आयोजनों से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर पर पैनी और निष्पक्ष नजर बनाए रखती है।
