800 करोड़ की ठगी: 62 मुकदमे EOW को ट्रांसफर

800 करोड़ की ठगी के महाठग कन्हैया गुलाटी पर कसा शिकंजा: 62 मुकदमों की जांच EOW को ट्रांसफर, ED भी कर रही पड़ताल

बरेली: कैनविज (Canwiz) कंपनी के नाम पर आम जनता को निवेश का झांसा देकर 800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले महाठग कन्हैया गुलाटी और उसके सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस और जांच एजेंसियों का शिकंजा पूरी तरह कस गया है। बरेली में गुलाटी और उसके साथियों के खिलाफ दर्ज कुल 93 मुकदमों में से 12 मामलों में एसआईटी (SIT) ने जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए अब बचे हुए 62 मुकदमों की विवेचना आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी गई है।

22 महीने में पैसा लौटाने और 5% मासिक ब्याज का दिया था झांसा कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी ने नेटवर्क मार्केटिंग और लुभावनी योजनाओं के जरिए हजारों निवेशकों को अपना शिकार बनाया:

  • ठगी का जाल: कन्हैया गुलाटी और उसके कर्मचारियों ने निवेशकों को उनकी जमा पूंजी पर हर महीने 5 प्रतिशत का ब्याज देने और 22 महीने बाद पूरी मूल रकम वापस लौटाने का लालच दिया था।

  • शुरुआत में जीता भरोसा: निवेशकों का विश्वास हासिल करने के लिए शुरुआत के कुछ महीनों तक 5 फीसदी रिटर्न दिया गया, लेकिन जैसे ही करोड़ों रुपये एकत्रित हुए, गुलाटी ब्याज देना बंद कर फरार हो गया।

SIT, EOW और ED की त्रिस्तरीय जांच ठगी के इस बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद पुलिस प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियां हर स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं:

  • चार्जशीट और ट्रांसफर: एसआईटी ने 12 मामलों में आरोप-पत्र (चार्जशीट) अदालत में पेश कर दिया है, जबकि 19 मामलों की जांच अभी प्रचलित है। शासन के निर्देश पर 62 मुकदमों की फाइलें ईओडब्ल्यू (EOW) को ट्रांसफर की गई हैं, जो अब कन्हैया गुलाटी की नए सिरे से गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई करेगी।

  • ईडी की समानांतर जांच: 800 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी आरोपी की बेनामी संपत्तियों की पड़ताल में जुटा हुआ है।

हजारों पीड़ितों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले इस शातिर ठग के खिलाफ ईओडब्ल्यू की एंट्री के बाद अब फरार आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क करने और सख्त कानूनी अंजाम तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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