लक्ष्मी नगर: सुभाष चौक पर अतिक्रमण और गंदगी

लक्ष्मी नगर: नई सड़क के बाद भी बदहाली, जाम नालियां और अतिक्रमण बना जी का जंजाल

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक लक्ष्मी नगर के सुभाष चौक और मेट्रो पिलर नंबर 43 के आसपास की स्थिति वर्तमान में प्रशासनिक अनदेखी की कहानी बयां कर रही है। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा है। उनका सीधा सवाल है— “इस तरह की सड़क बनाने का क्या फायदा, जब बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं?


सड़क तो चमकी, पर ड्रेनेज सिस्टम हुआ फेल

हाल ही में बनी नई सड़क को लेकर जनता का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था सुधारे बिना किया गया यह निर्माण केवल सरकारी धन की बर्बादी है।

  • जाम नालियां: सुभाष चौक के आसपास नालियां गंदगी और गाद से पूरी तरह भरी हुई हैं।

  • अवैध पत्थर: नालियों के ऊपर बड़े-बड़े पत्थर और स्लैब रख दिए गए हैं, जिससे उनकी सफाई होना नामुमकिन हो गया है।

  • नतीजा: हल्की बारिश में भी सड़क पर गंदा पानी जमा हो जाता है, जिससे नई बनी सड़क के जल्द टूटने का खतरा बढ़ गया है।

सुभाष चौक और पिलर नंबर 43: अतिक्रमण का ‘हब’

लक्ष्मी नगर के मुख्य मार्केट और सुभाष चौक पर अतिक्रमण (Encroachment) ने पैदल चलने वालों और वाहन चालकों का जीना मुहाल कर दिया है:

  1. फुटपाथ गायब: दुकानों के बाहर सड़कों तक फैला सामान और अवैध रेहड़ी-पटरी वालों ने फुटपाथों पर कब्जा कर लिया है।

  2. मेट्रो पिलर के पास जाम: मेट्रो पिलर नंबर 43 के सामने बेतरतीब खड़े वाहनों और अतिक्रमण के कारण हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है।

  3. राहगीरों की मुसीबत: भीड़भाड़ वाले इस इलाके में महिलाओं और बुजुर्गों को सड़क पर चलने के लिए जगह नहीं मिलती, जिससे हादसों का डर बना रहता है।

 

प्रशासन से जनता की सीधी मांग

स्थानीय लोगों ने नगर निगम (MCD) और संबंधित अधिकारियों से निम्नलिखित बिंदुओं पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है:

  • नालियों के ऊपर से अवैध पत्थर हटाकर उनकी मशीनों द्वारा गहरी सफाई कराई जाए।

  • सुभाष चौक और मेट्रो पिलर के आसपास से अतिक्रमण हटाया जाए ताकि यातायात सुचारू हो सके।

  • सड़क बनाने के साथ-साथ उसके रखरखाव और जल निकासी की जिम्मेदारी भी तय की जाए।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर(Allrights Magazine)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: