योगी का मंत्र: अयोध्या व सोनभद्र मॉडल

सीएम योगी: अयोध्या व सोनभद्र की सफलता की कहानी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं के जमीनी असर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अयोध्या और सोनभद्र जैसे जिलों में सरकारी सहायता केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के लिए आत्मनिर्भरता का नया मार्ग खोल रही है।


कैसे बदल रही है लाभार्थियों की किस्मत?

मुख्यमंत्री ने दो प्रेरक उदाहरणों के जरिए योजनाओं की सफलता को साझा किया:

  • अयोध्या का उदाहरण: एक अनुसूचित जाति के परिवार ने घर बनाने के लिए पैसे जमा किए थे, लेकिन तभी उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल गया। परिवार ने अपनी जमा पूंजी से ई-रिक्शा खरीदा। आज उस परिवार का बेटा हर दिन लगभग 1,000 रुपये कमा रहा है।

  • सोनभद्र की मिसाल: यहाँ एक महिला लाभार्थी को जब पक्का घर मिला, तो उन्होंने अपने बचे हुए पैसों का उपयोग डेयरी व्यवसाय शुरू करने में किया। आज वह अपने पति के साथ मिलकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दे रही हैं।


एक छत के नीचे कई योजनाओं का लाभ

सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य ‘संपूर्ण आत्मनिर्भरता’ है। पीएम आवास योजना के साथ लाभार्थियों को अन्य बुनियादी सुविधाएं भी मुफ्त दी जा रही हैं:

  • स्वच्छ भारत मिशन: पक्के शौचालय की सुविधा।

  • सौभाग्य योजना: घर-घर बिजली कनेक्शन।

  • उज्ज्वला योजना: मुफ्त गैस कनेक्शन।

  • आयुष्मान भारत: 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज।


युवाओं और कारीगरों के लिए रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रही प्रमुख योजनाओं को रेखांकित किया:

  • परंपरागत हुनर: पीएम विश्वकर्मा योजना के जरिए कारीगरों को सशक्त बनाना।

  • स्टार्टअप कल्चर: पीएम स्टार्टअप और स्टैंडअप इंडिया के माध्यम से नए उद्यमियों को बढ़ावा।

  • कौशल विकास: पीएम कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार।

  • स्ट्रीट वेंडर्स: पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से छोटे दुकानदारों को बिना गारंटी ऋण।


पीएम मोदी और केंद्र सरकार का आभार

योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के संकल्प से हर जरूरतमंद को पक्की छत और हर युवा को रोजगार मिल रहा है। यूपी अब विकास के पथ पर तेजी से दौड़ रहा है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: