जब नही देखी गई गरीबो की भूख और प्यास तो अकेले ही निकल पड़े सेवा करने दीपू भईया !
आपको बता दे लॉक डाउन में कोरोना का डर कम लेकिन भूख का डर ज्यादा सताने लगा है ।
आये दिन लोग भूख और प्यास से मरने लगे है।समाजसेवा का ज़ज्बा लिए कुछ लोगो को को आल राइट मीडिया कर्मियों ने जागरुक किया है जो समाज के हित मे काम करने लगे है ऐसे ही एक ब्यक्ति है दीपक जो समाजसेवा में काफी रुचि रखते है।आज घर घर जाकर गरीबो में चावल बांटे।
नवाबगंज से सज्जाद सईद की रिपोर्ट
