दिल्ली के भूजल में मिला यूरेनियम

दिल्ली के करीब 15% भूजल में मिला जानलेवा यूरेनियम: NGT ने लिया स्वतः संज्ञान; सरकार और DPCC को नोटिस जारी


रिपोर्ट: सोनू कुमार (पत्रकार)

राजधानी दिल्ली में पीने के पानी की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के लगभग 13 से 15 प्रतिशत भूजल नमूनों में यूरेनियम का स्तर तय सुरक्षित सीमा से काफी अधिक पाया गया है।

इस गंभीर स्थिति और नागरिकों के स्वास्थ्य पर मंडराते खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और दिल्ली सरकार व दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को जवाब तलब करते हुए नोटिस जारी किया है।

रिपोर्ट के मुख्य आंकड़े और प्रभावित क्षेत्र

जल शक्ति मंत्रालय के अधीन सीजीडब्ल्यूबी द्वारा जारी रिपोर्ट में दिल्ली के विभिन्न इलाकों के भूजल नमूनों की जांच की गई थी:

  • जांच के आंकड़े: वर्ष 2024 में दिल्ली के 86 निगरानी केंद्रों से एकत्र किए गए भूजल नमूनों में से 13 से 15.66 प्रतिशत नमूनों में यूरेनियम की मात्रा निर्धारित सुरक्षित सीमा 30 पीपीबी (Parts Per Billion) से अधिक दर्ज की गई।

  • देश में तीसरे स्थान पर दिल्ली: यूरेनियम की अधिक सांद्रता वाले भूजल नमूनों के अनुपात के मामले में दिल्ली पूरे देश में पंजाब और हरियाणा के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गई है।

  • मुख्य प्रभावित क्षेत्र: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम, उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिम जिलों के भूजल में यूरेनियम का स्तर सबसे अधिक रिकॉर्ड किया गया है।

अत्यधिक दोहन और प्राकृतिक कारण जिम्मेदार

विशेषज्ञों का कहना है कि जल में यूरेनियम का यह संदूषण मुख्य रूप से भूगर्भीय कारकों (Geogenic Factors), एक्विफर (Aquifer) की प्राकृतिक बनावट और लगातार किए जा रहे भूजल के अत्यधिक दोहन (Over-extraction) के कारण हो रहा है।

स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर

पानी में यूरेनियम के साथ-साथ सीसा और नाइट्रेट जैसे भारी तत्त्वों (Heavy Metals) की अनुमेय सीमा से अधिक मौजूदगी बेहद घातक साबित हो सकती है:

  1. किडनी फेलियर का खतरा: लंबे समय तक यूरेनियम युक्त पानी का सेवन करने से किडनी फेलियर और गुर्दे से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

  2. अन्य बीमारियां: यह शरीर के अन्य आंतरिक अंगों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

एनजीटी के दखल के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली सरकार और संबंधित जल एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था और भूजल सुधार के लिए ठोस कदम उठाएंगी।


सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

रिपोर्ट: क्राइम व लोकल न्यूज़ ब्यूरो, ऑल राइट्स मैगजीन, बरेली (उत्तर प्रदेश)

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