राम मंदिर व छात्र मुद्दे पर संसद में हंगामा
छात्रों पर बर्बरता और राम मंदिर में ‘चंदा चोरी’ के खिलाफ विपक्ष का जोरदार हमला: संसद परिसर में किया भारी विरोध प्रदर्शन; गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग
विशेष राष्ट्रीय ब्यूरो: नई दिल्ली
रिपोर्ट: सोनू कुमार (पत्रकार)
संसद के वर्तमान सत्र के दौरान आज उस वक्त राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया जब विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने छात्रों पर हुए पुलिसिया बल प्रयोग व बर्बरता के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री की सीधे तौर पर जवाबदेही तय करने और श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में कथित ‘चंदा चोरी’ व वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार को घेरा।
हाथों में तख्तियां और बैनर लिए विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष जमकर नारेबाजी की और सरकार से इन दोनों मुद्दों पर तत्काल जवाब की मांग की।
1. छात्रों पर बर्बरता: गृह मंत्री से जवाबदेही और इस्तीफे की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस और प्रशासन द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया जा रहा है।
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गृह मंत्रालय की जवाबदेही: विपक्षी सांसदों ने कहा कि देश में कानून-व्यवस्था और दिल्ली पुलिस जैसी एजेंसियों की कमान केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है। ऐसे में निर्दोष छात्रों पर हो रहे अत्याचारों की पूरी नैतिक व प्रशासनिक जवाबदेही गृह मंत्री की बनती है।
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संसद में चर्चा की मांग: विपक्ष ने मांग रखी कि छात्रों के भविष्य, उनकी सुरक्षा और पुलिस की इस तानाशाही रवैये पर संसद के दोनों सदनों में तत्काल कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराई जाए।
2. राम मंदिर निर्माण में ‘चंदा चोरी’ के गंभीर आरोप
प्रदर्शन का दूसरा मुख्य केंद्र राम मंदिर निर्माण से जुड़े वित्तीय मामलों में कथित धांधली और भ्रष्टाचार का मुद्दा रहा:
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करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़: विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि देश-विदेश के करोड़ों रामभक्तों ने अपनी गाढ़ी कमाई से राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था। लेकिन ट्रस्ट और संबंधित संस्थाओं द्वारा जमीन खरीद-बिक्री व धन के आवंटन में भारी अनियमितताएं और ‘चंदा चोरी’ की गई है।
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सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग: विपक्ष ने सरकार से मांग की कि राम मंदिर के चंदे में हुए इस कथित घोटाले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
संसद के अंदर भी दिखा असर
संसद परिसर में हुए इस उग्र प्रदर्शन का असर सदन के अंदर भी साफ देखने को मिला। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सदस्यों ने इन मुद्दों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके कारण सदन में भारी हंगामा हुआ और कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार इन दोनों संवेदनशील मुद्दों पर सदन में विस्तृत जवाब नहीं देती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
रिपोर्ट: क्राइम व लोकल न्यूज़ ब्यूरो, ऑल राइट्स मैगजीन, बरेली (उत्तर प्रदेश)

