यूपी बनेगा एआई इनोवेशन का हब
यूपी बनेगा एआई इनोवेशन का हब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फ्यूचर स्किल्स के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने जा रहा है। लखनऊ में आयोजित ‘एआई-लेड इनोवेशन एंड कैपेसिटी बिल्डिंग कॉन्फ्रेंस’ में वैश्विक दिग्गज कंपनियों ने यूपी को एआई हब बनाने का रोडमैप साझा किया।
दिग्गज टेक कंपनियों का महामंथन
सम्मेलन में दुनिया की नामी कंपनियों ने एआई आधारित समाधानों और डिजिटल इकोसिस्टम पर अपने अनुभव साझा किए:
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वैश्विक भागीदारी: माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, टीसीएस, एचसीएल और एनवीडिया (NVIDIA) जैसी कंपनियों ने एआई के व्यावहारिक उपयोग पर केस स्टडी पेश की।
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इंडस्ट्री-रेडी टैलेंट: विशेषज्ञों ने चर्चा की कि कैसे यूपी के युवाओं को उद्योगों की भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाए।
नासकॉम के साथ ऐतिहासिक समझौता (MoU)
युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है:
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सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस और नासकॉम: दोनों के बीच एमओयू साइन हुआ है, जिसके तहत ‘फ्यूचर स्किल्स प्राइम’ कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
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रोजगार के अवसर: इस समझौते से प्रदेश के युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
‘एआई प्रज्ञा’: 10 लाख नागरिक होंगे साक्षर
सरकार ने तकनीकी साक्षरता को लेकर एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है:
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एआई साक्षरता: ‘एआई प्रज्ञा’ पहल के माध्यम से प्रदेश के 10 लाख नागरिकों को एआई साक्षरता से जोड़ा जाएगा।
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भाषिणी प्लेटफॉर्म: नागरिक सेवाओं में भाषा प्रौद्योगिकी (Language Tech) के उपयोग पर जोर दिया गया है, ताकि आम नागरिक अपनी भाषा में डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सके।
भविष्य की स्किल्स पर जोर
प्रमुख सचिव (IT) अनुराग यादव के अनुसार, इस सम्मेलन का उद्देश्य सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच एक मजबूत सहयोग बनाना है। एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें अब यूपी के सुशासन और आर्थिक विकास का आधार बनेंगी।
“यूपी का युवा अब भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी रूप से सक्षम बनेगा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी जगह बनाएगा।”

