8 जालसाज गिरफ्तार, बड़ी कामयाबी
UP STF का बड़ा धमाका: 500 करोड़ की GST चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार
मेरठ/लखनऊ: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (UP STF) ने एक बड़े ऑपरेशन में 500 करोड़ रुपये से अधिक की GST चोरी करने वाले एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है । इस मामले में STF ने मेरठ फील्ड इकाई में पूछताछ के बाद गिरोह के 8 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है ।
फर्जी फर्मों के जरिए सरकार को लगाया करोड़ों का चूना
STF की जांच में सामने आया कि यह गिरोह कूटरचित (fake) दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में पंजीकृत करता था । गिरोह के सदस्य इन फर्जी फर्मों के माध्यम से बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जारी करते थे । इसके बाद वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) बेचकर सरकार को भारी राजस्व की क्षति पहुंचाई जा रही थी ।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य सरगना और उसके सहयोगी शामिल हैं:
-
दिलशाad मलिक (मेरठ) – गिरोह का मुख्य संचालक
-
रमेश पटेल (दिल्ली/देवरिया)
-
अंकुर तिवारी (गौतमबुद्धनगर)
-
स्वतंत्र कुमार तिवारी (गाजियाबाद)
-
मो. वसीम (मेरठ)
-
मो. सोहेल (मेरठ)
-
जावेद मलिक (मेरठ)
-
इकरामुददीन (मेरठ)
भारी मात्रा में फर्जी मोहरें और दस्तावेज बरामद
STF ने अभियुक्तों के पास से अपराध में इस्तेमाल होने वाली भारी सामग्री बरामद की है:
-
90 फर्जी मोहरें (विभिन्न फर्मों की बिलिंग के लिए)
-
18 मोबाइल फोन और 3 लैपटॉप
-
54 चेकबुक और 54 डेबिट/क्रेडिट कार्ड
-
4 लग्जरी गाड़ियां (Endeavour, Seltos, Magnite, Creta)
-
25 बिलिंग फाइलें और 5 फर्जी ट्रांसपोर्ट बिल-बुक
12 से अधिक राज्यों में फैला था जाल
यह गिरोह सिर्फ उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं था। पूछताछ में पता चला कि इन्होंने तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, झारखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार और असम जैसे राज्यों के पतों पर भी बोगस फर्में बना रखी थीं । अकेले आगरा की एक फर्म ‘शर्मा इंटरप्राइजेज’ के जरिए 137 करोड़ रुपये की राजस्व क्षति का अनुमान है ।
कैसे करते थे हेराफेरी?
मुख्य अभियुक्त दिलशाद मलिक मेरठ और गाजियाबाद में अकाउंटेंसी के काम की आड़ में यह धंधा चला रहा था । वह वास्तविक फर्मों से व्हाट्सएप पर माल का विवरण मंगाता था और फिर अपनी बोगस फर्मों के जरिए फर्जी जीएसटी पोर्टल पर डेटा अपलोड कर देता था । बैंक ट्रांजेक्शन को असली दिखाने के लिए ये लोग सर्कुलर ट्रेडिंग का सहारा लेते थे ।
आगे की कार्रवाई: गिरफ्तार अभियुक्तों को आगरा के लोहामंडी थाने में दर्ज मुकदमे के तहत संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा और विवेचक द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है ।
खबरें और भी:-

