उमेश पाल केस शूटरों का मददगार अरेस्ट।
🚨 उमेश पाल हत्याकांड: शूटरों को अशरफ से जेल में मिलवाने वाला ₹50,000 का इनामी अफसार अहमद गिरफ्तार
बरेली/नई दिल्ली: अधिवक्ता उमेश पाल हत्याकांड से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। हत्याकांड के शूटरों को जेल में बंद माफिया अशरफ (मृतक) से अवैध रूप से मिलवाने में मदद करने वाला ₹50,000 का इनामी अपराधी अफसार अहमद आखिरकार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के शिकंजे में आ गया है।
अफसार अहमद को बुधवार/गुरुवार की सुबह नई दिल्ली के कालका रोड, थाना अमर कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया।
🤝 शूटरों की जेल में हुई थी मुलाकात
पूछताछ में अफसार अहमद ने स्वीकार किया कि जब माफिया अशरफ बरेली जेल में बंद था, तब वह उससे मिलने जाता था। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि वह अपनी आईडी (ID) का इस्तेमाल करके उमेश पाल हत्याकांड के शूटरों की मुलाकात अशरफ से कराता था।
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मिलवाने वाले: अफसार अहमद अपनी आईडी पर गुड्डू मुस्लिम, साबिर, अजहर, लल्ला गद्दी और अरमान जैसे सहयोगियों को अशरफ से मिलवाता था।
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साजिश की जगह: जाँच में सामने आया कि उमेश पाल की हत्या की साजिश को अंजाम देने से पहले शूटरों की बरेली जेल में बंद अशरफ से कई बार अवैध मुलाकातें हुई थीं।
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उद्देश्य: एसटीएफ के अनुसार, अशरफ ने इन सहयोगियों के साथ मिलकर गवाहों/साक्षियों की हत्या करने और उन्हें डराने/धमकाने की योजनाएँ तैयार की थीं।
⚖️ बिथरी थाने में दर्ज था मामला
उमेश पाल की वर्ष 2023 में धूमनगंज थानांतर्गत सुलेमसराय स्थित उनके घर के बाहर गोली व बम मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद और अशरफ समेत कई लोग नामजद थे।
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प्राथमिकी: इन अवैध मुलाकातों के मामले में बरेली के बिथरी चैनपुर थाने में वर्ष 2023 में साजिश रचने (120बी), धमकाने, जबरन वसूली और कारागार अधिनियम (Jail Act) समेत कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (मु०अ०सं० 86/2023) पंजीकृत की गई थी।
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वांछित: अफसार अहमद निवासी सल्लाहपुर, पूरामुफ्ती इस मामले में वांछित था और गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली में छिपकर रह रहा था।
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अन्य आरोपी: अवैध रूप से मुलाकात कराने वालों में जेल वार्डन शिवहरि समेत अन्य सात लोगों का नाम भी सामने आया था।
एसटीएफ अब अफसार से विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और गिरफ्तारियों की संभावना पर काम किया जा सके।
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