UGC Row- ‘बिना सलाह के फैसले लेना सरकार की आदत’, कपिल सिब्बल ने यूजीसी नियमों और RTI पर साधा निशाना
यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए, कहा– बिना व्यापक परामर्श के लिए जा रहे फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ।
नई दिल्ली, यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के प्रस्तावित नियमों को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिना किसी सलाह-मशवरे के बड़े फैसले लेना अब सरकार की आदत बन चुकी है।
कपिल सिब्बल ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 जैसे महत्वपूर्ण नियमों को लाने से पहले न तो राज्यों से परामर्श किया गया और न ही शिक्षाविदों की राय ली गई। उन्होंने इसे संघीय ढांचे और शैक्षणिक स्वायत्तता पर सीधा हमला बताया।
इसके साथ ही सिब्बल ने RTI (सूचना का अधिकार) को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिससे पारदर्शिता कमजोर हो रही है और आम जनता की जानकारी तक पहुंच सीमित की जा रही है।
कपिल सिब्बल के अनुसार, शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर एकतरफा निर्णय न सिर्फ छात्रों और शिक्षकों को प्रभावित करेंगे, बल्कि राज्यों के अधिकारों को भी कमजोर करेंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार यूजीसी नियमों पर दोबारा विचार करे और सभी हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद ही कोई फैसला ले।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
