ईरान की मिसाइल क्षमता पर ट्रंप का दावा
1. ट्रंप का दावा: ईरान की मिसाइल शक्ति खत्म 🛡️
न्यूज़: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, 28 फरवरी के हमलों के बाद ईरान का हवाई वर्चस्व खत्म हो चुका है और उसकी नौसेना अब युद्ध में अप्रभावी है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के ड्रोन निर्माण केंद्रों को पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया है।
2. हमलों में भारी कमी, लेकिन खतरा बरकरार 📉
न्यूज़: पेंटागन और इजरायली खुफिया आंकड़ों के अनुसार, ईरान द्वारा दागी जाने वाली मिसाइलों की संख्या में 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में 86 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। युद्ध की शुरुआत में जहां ईरान 24 घंटे में 167 मिसाइलें दाग रहा था, वहीं अब यह संख्या एकल अंक (Single Digit) तक सिमट गई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के पास अभी भी काफी मिसाइलें बची हैं, जो क्षेत्र में तनाव बनाए रखने और भारी नुकसान पहुँचाने के लिए पर्याप्त हैं।
3. मिसाइल भंडार पर सवाल और पड़ोसी देशों में अलर्ट ⚠️
न्यूज़: ट्रंप के दावों के बावजूद कतर, सऊदी अरब और यूएई ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। अबू धाबी में एक मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत भी हुई है। अमेरिकी खुफिया विभाग (2022) के अनुसार, ईरान के पास मध्य पूर्व में बैलिस्टिक मिसाइलों का सबसे बड़ा भंडार है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के पास करीब 2,500 मिसाइलें अब भी मौजूद हो सकती हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर क्षमता कम हुई है, तो ईरान अब भी पड़ोसी देशों को निशाना कैसे बना रहा है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

