ED चार्जशीट: TBML रैकेट का पर्दाफाश
ED ने ₹3.98 करोड़ की संपत्ति जब्त कर TBML सिंडिकेट पर शिकंजा कसा
कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED), कोलकाता ने ट्रेड-बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग (TBML) सिंडिकेट से जुड़े एक बड़े मामले में प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint – PC) दर्ज की है। यह शिकायत 28.11.2025 को माननीय विशेष न्यायालय (PMLA), कोलकाता के समक्ष दायर की गई है।
यह मामला मेसर्स येकनेल एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कई शेल कंपनियों से संबंधित है, जिन्होंने सीमा शुल्क अधिनियम (Customs Act) की धाराओं 132 और 135 के तहत शेड्यूल्ड अपराधों से उत्पन्न अपराध की आय (POC) को वैध व्यापार की आड़ में विदेश भेजा।
जटिल TBML योजना का पर्दाफाश
ED की जाँच में एक बेहद जटिल TBML योजना सामने आई, जिसके तहत एक सिंडिकेट ने भारत से अवैध रूप से फंड भेजने के लिए शेल आयात करने वाली संस्थाओं का एक नेटवर्क तैयार किया:
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ओवरवैल्यूएशन: ये डमी कंपनियाँ कम मूल्य के पत्थरों को अत्यधिक मूल्यवान कीमती और अर्ध-कीमती पत्थरों के रूप में घोषित करती थीं।
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जाली दस्तावेज़: इसके लिए ओवर-इनवॉइस किए गए आयात दस्तावेज़ों और सरकारी अनुमोदित मूल्यांकनकर्ताओं (Government-approved Valuers) तथा कस्टम हाउस एजेंटों (CHAs) की मिलीभगत से फर्जी मूल्यांकन रिपोर्टें तैयार की जाती थीं।
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फंड की लेयरिंग: पहले, फंड को भारत के भीतर कई शेल संस्थाओं के माध्यम से लेयर किया जाता था, और फिर उसे आयात भुगतान बताकर विदेश भेज दिया जाता था।
इस योजना के तहत, सिंडिकेट ने सैकड़ों करोड़ रुपये को वैध व्यापार के नाम पर अवैध रूप से देश से बाहर स्थानांतरित किया।
₹3.98 करोड़ की संपत्ति कुर्क
इस मामले में, ED ने ₹3.98 करोड़ (लगभग) मूल्य की चल और अचल संपत्तियाँ कुर्क की हैं, जिनमें एक आवासीय फ्लैट भी शामिल है। ये संपत्तियाँ TBML संचालन से प्राप्त POC या उसके समतुल्य मूल्य के रूप में पहचानी गई हैं।
आगे की जांच जारी है ताकि धन शोधन के इस अपराध में शामिल अन्य संस्थाओं और संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता का पता लगाया जा सके, साथ ही भारत और विदेश में मौजूद अन्य POC का पता लगाया जा सके।

