बरेली शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने अब सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है।

बरेली। शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने अब सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है। नगर निगम की ओर से कई प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिन पर सदन की मुहर लगते ही लागू कर दिया जाएगा। इन प्रस्तावों के तहत सार्वजनिक स्थल पर पालतू कुत्ता छोड़ने, कूड़ा फेंकने, थूकने और निर्माण सामग्री सड़क किनारे रखने पर भारी-भरकम जुर्माना देना होगा।

अभी तक पालतू कुत्ता सार्वजनिक स्थल पर छोड़ने पर मात्र 200 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगता था, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यह रकम सीधे 25 गुना बढ़कर 5,000 रुपये तक पहुंच जाएगी। वहीं, बरातघरों के बाहर कूड़ा फेंकने पर अभी 2,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ता है, जिसे बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिदिन करने का प्रस्ताव रखा गया है।

सड़क किनारे कूड़ा और निर्माण सामग्री पर भारी जुर्माना

सड़क किनारे, सार्वजनिक रास्तों या दुकानों के सामने की जमीन पर निर्माण सामग्री रखकर बेचने पर अब 20,000 रुपये प्रतिदिन तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी प्रतिष्ठान पर डस्टबिन नहीं पाया गया तो पहली बार 500 रुपये और दूसरी बार 1,500 रुपये का जुर्माना देना होगा।

थूकना और खुले में शौच-पेशाब पर भी दंड

सार्वजनिक स्थलों पर थूकने वालों से 500 रुपये, खुले में शौच करने वालों से 1,000 रुपये और खुले में पेशाब करने वालों से 500 रुपये वसूले जाएंगे। यही नहीं, सड़क किनारे जनरेटर रखने पर उसकी क्षमता के अनुसार 10,000 से 30,000 रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है।

मीट-मुर्गे के अवशेष और मेडिकल वेस्ट पर सख्ती

मीट-मुर्गे के अवशेष या मीट की दुकानों के बाहर पशुओं का कचरा फेंकने पर अधिकतम 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। वाहनों की मरम्मत से निकलने वाले मोबिल ऑयल और अन्य कचरा फेंकने पर 2,000 रुपये का दंड लगेगा। वहीं, नर्सिंग होम और अस्पताल अगर अपना कचरा या मेडिकल वेस्ट खुले में फेंकते हैं, तो उन पर सीधे 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

विज्ञापन पट्ट और फुटपाथ कब्जे पर भी कार्रवाई

शहर में अनधिकृत विज्ञापन पट्ट लगाने या वालराइटिंग करने वालों पर 10,000 रुपये का जुर्माना होगा। वहीं, आम रास्ते, फुटपाथ या सरकारी जमीन पर होटल-ढाबा संचालित करने पर 5,000 रुपये प्रतिदिन का दंड तय किया गया है।

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि ये सभी दरें सदन की स्वीकृति के बाद तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएंगी। निगम प्रशासन का कहना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य शहर को साफ-सुथरा रखना और लोगों को जिम्मेदार बनाना है।

बरेली से रोहिताश कुमार की रिपोर्ट

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