तीसरा सालाना दो रोज़ा उर्स-ए-ताजुश्शरिया का कार्यक्रम जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा ने जारी किया ।

सुन्नी बरेलवी मसलक के सबसे बड़े मजहबी रहनुमा ताजुश्शरिया मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रज़ा खाँ (अज़हरी मियां) के दो रोज़ा उर्स-ए-ताजुश्शरिया का कार्यक्रम जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा ने जारी कर दिया है। उर्स के सभी कार्यक्रम दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन काजी-ए-हिन्दुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रज़ा खाँ कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती व जमात रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां की सदारत में उर्स की रस्म अदा की जाएगी।


जमात रज़ा के प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि पहले रोज़ 16 जून बरोज़ बुध को दरगाह ताजुश्शरिया पर बाद नमाज़-ए-फज़र कुरान ख्वानी व नात-व-मनकबत की महफिल सजाई जाएगी। फिर बाद नमाज़-ए-असर परचम कुशाई की रस्म अदा की जाएगी। जो पहला परचम सय्यद कैफी के निवास शाहबाद स्थित मिलन शादी हाल से निकलेगा। दुसरा परचम मोहम्मद साजिद आज़मनगर स्थित हरी मस्जिद से निकलेगा। तीसरा परचम फहमी तहसीनी के निवास सैलानी स्थित हुसैन चौक से निकलेगा। तीनों परचम काजी-ए-हिंदुस्तान के हाथों दरगाह ताजुश्शरिया पर पेंश किए जाएंगे। दुसरा व आखिरी रोज़ 17 जून बरोज़ जुमरात को दरगाह ताजुश्शरिया और मथुरापुर स्थित मदरसा जामियातुर रज़ा में बाद नमाज़-ए-फजर कुरान ख्वानी व नात-व-मनकबत की महफिल सजाई जाएगी।

फिर हुजूर ताजुश्शरिया के वालिद हुजूर मुफस्सीरे आज़म हिंद इब्राहिम रज़ा खाँ (जिलानी मिया) के कुल शरीफ की रस्म सुबह 07 बजकर 10 मिंट पर अदा की जाएगी। मुख्य कार्यक्रम बाद नमाज़-ए-असर नात-व-मनकबत फिर उलमा-ए-इकराम की तरीर होगी। शाम को 07 बजकर 14 मिंट पर हुजूर ताजुश्शरिया मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रज़ा खाँ (अज़हरी मियां) का कुल शरीफ होगा। इसी के साथ दो रोज़ा उर्स का समापन हो जाएगा। इस मौके पर जमात रज़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां, मौलाना शम्स रज़ा, मौलाना सय्यद अज़ीमुद्दीन अज़हरी, मोईन खान, अब्दुल्लाह रज़ा खाँ, मोईन अख्तर, मौलाना सय्यद सैफ अली कादरी, अतीक अहमद हश्मती, बख्तियार खाँ, मौलाना आबिद नूरी, आदी लोग मौजूद रहें ।।

 

 

बरेली से मोहम्मद शीराज़ ख़ान की रिपोर्ट !

 

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