SC- बाबरी’ नाम पर मस्जिद निर्माण रोकने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का साफ इनकार, बोला– भावनाओं के आधार पर नहीं चलेगा कानून
नई दिल्ली: Supreme Court of India ने ‘बाबरी’ नाम से प्रस्तावित मस्जिद निर्माण पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी धार्मिक स्थल के नाम के आधार पर निर्माण कार्य को रोका नहीं जा सकता, जब तक कि उसमें कोई कानूनी उल्लंघन न हो।
सुनवाई के दौरान पीठ ने टिप्पणी की कि न्यायालय भावनात्मक तर्कों या आशंकाओं के आधार पर हस्तक्षेप नहीं कर सकता और कानून की कसौटी पर ही किसी मामले को परखा जाएगा।
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि ‘बाबरी’ नाम का उपयोग सामाजिक सद्भाव को प्रभावित कर सकता है और इससे तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि कोर्ट ने कहा कि यदि संबंधित निर्माण स्थानीय प्रशासन की अनुमति और वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप हो रहा है, तो केवल नाम को आधार बनाकर रोक लगाने का कोई औचित्य नहीं है।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और न्यायालय का हस्तक्षेप तभी संभव है जब स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन सामने आए। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से स्पष्ट हो गया है कि न्यायिक प्रक्रिया भावनाओं से नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रावधानों और कानूनी तथ्यों से संचालित होती है।
ब्यूरो रिपोर्ट,
आल राइट्स मैगज़ीन,

