2025 के बिल: कहीं विरोध, कहीं जश्न
साल 2025 राजनीतिक और विधायी दृष्टिकोण से काफी हलचल भरा रहा। दुनिया भर की संसदों में कई ऐसे कानून पारित हुए जिन्होंने न केवल वैश्विक सुर्खियां बटोरीं, बल्कि नागरिकों और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस को भी जन्म दिया।
यहाँ उन प्रमुख बिलों का विवरण दिया गया है जिन्होंने 2025 में दुनिया का ध्यान खींचा:
1. अमेरिका: ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ (One Big Beautiful Bill Act)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित यह कानून मुख्य रूप से टैक्स कटौती पर केंद्रित है।
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प्रमुख प्रावधान: यह उन परिवारों के लिए करों में कटौती करता है जो सालाना $217,000 से अधिक कमाते हैं। साथ ही, इसमें सेना और सीमा सुरक्षा के लिए फंडिंग बढ़ाने का प्रावधान है।
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विवाद: इस बिल को लेकर अरबपति एलन मस्क और ट्रंप के बीच सार्वजनिक रूप से मतभेद सामने आए, क्योंकि मस्क ने खुले तौर पर इस बिल की प्राथमिकताओं की आलोचना की थी।
2. अमेरिका: एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट (Epstein Files Transparency Act)
नवंबर 2025 में पारित इस ऐतिहासिक कानून ने अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) को एक बड़ी समय सीमा दी।
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उद्देश्य: कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी सभी फाइलों को सार्वजनिक करना।
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प्रभाव: कानून के तहत 19 दिसंबर तक रिकॉर्ड जारी करने थे। हालांकि, DOJ ने बताया कि ‘लाखों’ नए दस्तावेज़ मिलने के कारण इस प्रक्रिया में कुछ और हफ्तों का समय लग सकता है।
3. भारत: ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल
अगस्त 2025 में संसद द्वारा पारित इस बिल ने भारत के गेमिंग उद्योग में हलचल मचा दी।
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प्रावधान: सट्टेबाजी और पैसों वाले ऑनलाइन गेम्स (Money Games) के विज्ञापन और संचालन पर कड़ा प्रतिबंध। उल्लंघन पर 3 साल की जेल या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना।
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विवाद: विपक्ष ने इसे बिना पर्याप्त चर्चा के पारित करने का आरोप लगाया। इस कानून के बाद Dream11 जैसे बड़े स्टार्टअप्स को गहरा झटका लगा, जिससे उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी से स्पॉन्सरशिप तक हटा ली।
4. पाकिस्तान: 27वां संवैधानिक संशोधन
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली द्वारा पारित इस संशोधन ने देश की सैन्य और प्रशासनिक शक्ति के संतुलन को बदल दिया।
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मुख्य बदलाव: सेना प्रमुख (वर्तमान में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर) को अब ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ (CDF) के रूप में तीनों सेनाओं पर सर्वोच्च कमान दी गई है।
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विवाद: विपक्ष (विशेषकर PTI) ने इसे ‘लोकतंत्र की मौत’ करार दिया, क्योंकि यह संशोधन राष्ट्रपति और सैन्य प्रमुख को आजीवन सुरक्षा और अभियोजन से छूट प्रदान करता है।
5. इराक: व्यक्तिगत स्थिति कानून संशोधन (Personal Status Law)
इराकी संसद ने जनवरी 2025 में 1959 के पुराने पारिवारिक कानून में बदलाव किया।
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प्रावधान: अब नागरिकों को शादी, तलाक और कस्टडी जैसे मामलों के लिए ‘नागरिक कानून’ या ‘धार्मिक (शिया जाफरी) संहिता’ में से चुनने का विकल्प मिलेगा।
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विवाद: मानवाधिकार संगठनों और नारीवादियों ने इसका कड़ा विरोध किया। उनका तर्क है कि यह पुरुषों को बिना पत्नी की सहमति के तलाक देने की शक्ति देता है और महिलाओं को ‘दूसरे दर्जे का नागरिक’ बनाता है।
6. भारत: राइट टू डिस्कनेक्ट बिल (Right to Disconnect Bill)
सांसद सुप्रिया सुले द्वारा पेश किया गया यह प्राइवेट मेंबर बिल कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित है।
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अधिकार: कर्मचारी काम के घंटों के बाद या छुट्टियों में ऑफिस के फोन कॉल और ईमेल का जवाब देने से मना कर सकते हैं।
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दंड: नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कुल कर्मचारी वेतन का 1% जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है।
7. भारत: गिरफ्तार मंत्रियों को बर्खास्त करने का बिल (130वां संशोधन)
अगस्त 2025 में पेश इस बिल का उद्देश्य शासन में शुचिता लाना है।
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नियम: यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गिरफ्तार होता है और 30 दिनों तक हिरासत में रहता है, तो उसे 31वें दिन पद छोड़ना होगा।
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विवाद: विपक्ष का तर्क है कि यह ‘दोषी साबित होने तक निर्दोष’ के सिद्धांत का उल्लंघन है और इसका इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया जा सकता है।
8. भारत: वक्फ संशोधन अधिनियम
अप्रैल 2025 में पारित इस कानून ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में बड़े बदलाव किए।
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बदलाव: वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की अनिवार्य भागीदारी और ‘वक्फ बाय यूज’ (लंबे समय से उपयोग के आधार पर संपत्ति) के प्रावधान को हटाना।
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न्यायालय का रुख: सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इसके कुछ प्रावधानों (जैसे 5 साल तक इस्लाम का पालन करने की अनिवार्यता) पर रोक लगा दी, लेकिन पूरे कानून को रद्द नहीं किया।
9. भारत: जी राम जी बिल (G RAM G Bill)
इस बिल ने ऐतिहासिक मनरेगा (MGNREGA) की जगह ली है।
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नया नाम: विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल।
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विवाद: विपक्ष ने महात्मा गांधी के नाम को हटाने और इसके प्रावधानों को ‘सामंती’ बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया। सरकार का तर्क है कि यह 125 दिनों के गारंटीड रोजगार के साथ ग्रामीण ढांचे को आधुनिक बनाएगा।
10. ऑस्ट्रेलिया: सोशल मीडिया प्रतिबंध कानून
ऑस्ट्रेलिया ने 10 दिसंबर 2025 से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया।
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नियम: फेसबुक, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स को कम उम्र के बच्चों के अकाउंट हटाने होंगे। विफल रहने पर कंपनियों पर 50 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है।
इन कानूनों ने 2025 को वैश्विक राजनीति में ‘सुधारों और संघर्षों’ का साल बना दिया है। क्या आप इनमें से किसी विशेष बिल के बारे में अधिक विस्तार से जानना चाहेंगे?
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