तौकीर रजा का बेटा फरमान स्मैक के साथ धराया
Exposed: बाप जेल में और बेटा ड्रग्स के घेरे में! मौलाना तौकीर रजा का ‘आस्ट्रेलिया रिटर्न’ वारिस नशे और ‘आपत्तिजनक’ सामान के साथ गिरफ्तार
बरेली/शाहजहांपुर: (रोहिताश कुमार): बरेली में पिछले 25 सालों से नफरती तकरीरों और मजहबी सियासत का दम भरने वाले मौलाना तौकीर रजा खान के घर से एक ऐसा सच सामने आया है, जिसने उनके ‘दोहरे चेहरे’ की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। जिस मौलाना ने हजारों युवाओं को सड़कों पर उतारकर जेल का रास्ता दिखाया, उसी का अपना बेटा अब ‘नशे’ और ‘अश्लीलता’ के जाल में फंसा पाया गया है।
🚨 सड़क हादसे ने खोली ‘नशेड़ी’ बेटे की पोल
शाहजहांपुर के तिलहर में मंगलवार की शाम एक लग्जरी कार ने रोडवेज बस को पीछे से टक्कर मार दी। जब पुलिस ने कार चला रहे युवक की तलाशी ली, तो वह कोई और नहीं बल्कि मौलाना का बेटा फरमान रजा खान निकला।
-
डिक्की में मिला ‘जहर’: तलाशी के दौरान बैग से आधा ग्राम क्रिस्टल मेथ (Crystal Meth) और नशा करने वाली सिरिंज बरामद हुई।
-
सीक्रेट बैग का राज: सूत्रों के मुताबिक, ड्रग्स के अलावा बैग से कुछ ‘आपत्तिजनक टॉयेज’ (Adult Toys) भी बरामद हुए हैं, जिससे पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए।
🎭 मौलाना का दोहरा चरित्र: दूसरों के लिए पत्थर, अपने लिए आस्ट्रेलिया!
तौकीर रजा खान का यह ‘पारिवारिक सच’ अब समाज में चर्चा का विषय बन गया है।
-
सियासत और मॉडर्न एजुकेशन: मौलाना ने बरेली के गरीब युवाओं को शरीयत और मजहब के नाम पर दंगों (2010 और 26 सितंबर) में झोंक दिया, लेकिन अपने बेटे को नफरत की सियासत से कोसों दूर रखा।
-
आस्ट्रेलिया से MBA: बेटे को आस्ट्रेलिया भेजकर मॉडर्न तालीम दिलवाई ताकि वह ‘अव्वल दर्जे का शहरी’ बन सके। लेकिन आस्ट्रेलिया से लौटा यह वारिस अब ड्रग्स के साथ पकड़ा गया है।
⚖️ पुलिस का एक्शन और परिवार का ‘विक्टिम कार्ड’
तिलहर पुलिस ने फरमान के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, ड्रग्स की मात्रा कम होने की वजह से उसे फिलहाल जमानत मिल गई है। दूसरी ओर, मौलाना का परिवार इस पूरी कार्रवाई को ‘साजिश’ बता रहा है और पुलिस पर वीडियो जबरदस्ती बनवाने का आरोप लगा रहा है।
💥 तीखे सवाल: क्या यही है मजहबी मसीहा की नैतिकता?
बरेली की गलियों में अब दबी जुबान में नहीं, बल्कि खुलकर सवाल पूछे जा रहे हैं:
-
जब मौलाना मंच से जहर उगल रहे थे, क्या उनके अपने घर में ‘नशे का जहर’ जड़ें जमा चुका था?
-
दूसरों के बच्चों को जेल भिजवाने वाले मौलाना का अपना ‘चश्म-ओ-चिराग’ लग्जरी और नशे में क्यों डूबा है?
-
क्या अब भी जनता मौलाना की नफरती सियासत पर भरोसा करेगी?
निष्कर्ष: फिलहाल मौलाना तौकीर रजा जेल की सलाखों के पीछे अपनी नफरती सियासत का अंजाम भुगत रहे हैं, और उनका बेटा ड्रग्स केस में कानून की चौखट पर है। यह खबर उन युवाओं के लिए बड़ी चेतावनी है जो मजहब के नाम पर उकसावे में आ जाते हैं।
और अपडेट्स के लिए हमसे जुड़े रहें।

