Supreme Court : नेताओं के मुकदमों की होगी डेली हियरिंग?
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2016 में दायर जनहित याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। याचिका में देशभर में सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का तेजी से निपटारा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।
याचिका में देशभर में सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का तेजी से निपटारा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया ने मामले में तत्काल निर्देश जारी करने की जरूरत बताई। हंसारिया इस मामले में न्याय मित्र (एमिकस क्यूरी) के तौर पर कोर्ट की सहायता कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए तत्काल कदम जरूरी हैं। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि मामले को सूचीबद्ध किया जाएगा।
18 अगस्त को पीठ की सदस्य जस्टिस वी. मोहना ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने बताया था कि वह पहले इस मामले में वरिष्ठ वकील के रूप में पेश हो चुकी हैं।
हंसारिया की रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा के 543 सदस्यों में 251 और राज्यसभा के 233 सदस्यों में 75 ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। उनके हलफनामे में सांसदों और विधायकों के खिलाफ 4,000 से अधिक आपराधिक मामलों का भी उल्लेख है।
