गणतंत्र दिवस पर लखनऊ में नौ राज्यों के कलाकारों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर विधान सभा मार्ग पर संस्कृति विभाग द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पहली बार देश के नौ राज्यों से आए 200 से अधिक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक लोक कलाओं और नृत्यों की प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विविधता में एकता का संदेश दिया गया। गुजरात, बिहार, असम, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, सिक्किम, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों के कलाकारों ने अपनी लोक संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन किया।

मध्य प्रदेश की बधाई, महाराष्ट्र का लेजियम, सिक्किम का तमांग सेलो और त्रिपुरा के जनजातीय लोक नृत्य ने दर्शकों को आकर्षित किया। इसके साथ ही बिहार का झिझिया नृत्य, छत्तीसगढ़ का राउत नाचा, गुजरात का ढाल-तलवार रास और जम्मू-कश्मीर का रऊफ नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।
उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने भी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन किया। कथक, बधावा, फारूवाही लोक नृत्य, शंख वादन, मयूर लोक नृत्य और ढेढ़िया लोक नृत्य जैसी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के कलाकारों के साथ-साथ स्कूली छात्रों ने भी राष्ट्रीय एकता की थीम पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
गणतंत्र दिवस के इस सांस्कृतिक आयोजन ने दर्शकों में उत्साह और देशभक्ति का भाव भर दिया। संस्कृति विभाग की इस पहल ने देश की सांस्कृतिक विविधता और आपसी समरसता की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।
ब्यूरो रिपोर्ट,
लखनऊ
गोपाल चन्द्र अग्रवाल
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
