स्मार्ट गवर्नेंस: दर्पण-2.0 लॉन्च!
दिल्ली में ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ का नया दौर: लॉन्च होगा दर्पण-2.0 डिजिटल डैशबोर्ड, एक क्लिक पर होगी योजनाओं की मॉनिटरिंग
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार राजधानी में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पूरी तरह हाईटेक बनाने की तैयारी में है। पारदर्शी और जवाबदेह शासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय जल्द ही ‘डिजिटल डैशबोर्ड दर्पण-2.0’ (Darpan-2.0) शुरू करने जा रहा है। यह एक एडवांस्ड और यूनिफाइड परफार्मेंस-मॉनिटरिंग सिस्टम है, जो सरकारी योजनाओं की निगरानी के तरीके को पूरी तरह बदल देगा।
NIC द्वारा विकसित: डेटा से चलेगा दिल्ली का प्रशासन
इस डैशबोर्ड को नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म न केवल डेटा इकट्ठा करेगा, बल्कि रियल-टाइम एनालिटिक्स के जरिए यह भी बताएगा कि कौन सी योजना जमीन पर कितनी सफल हो रही है।
दिल्ली के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने इसे ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ की दिशा में मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा:
“नया प्लेटफॉर्म राजधानी में डेटा आधारित शासन (Data-Driven Governance) सुनिश्चित करेगा। यह अलग-अलग विभागों में बिखरे हुए डेटा की चुनौती को खत्म कर एक सिंगल-विंडो इंटरफेस उपलब्ध कराएगा।”
क्या है ‘दर्पण-2.0’ और कैसे बदलेगी इससे दिल्ली?
दर्पण-2.0 कोई साधारण वेबसाइट नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली डिजिटल टूल है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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रियल-टाइम मॉनिटरिंग: सरकारी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति को अधिकारी कहीं से भी लाइव देख सकेंगे।
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सिंगल विंडो एक्सेस: विभिन्न विभागों की योजनाओं का डेटा एक ही जगह उपलब्ध होगा, जिससे बेहतर तालमेल बनेगा।
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स्वस्थ प्रतिस्पर्धा (Ranking System): यह डैशबोर्ड विभागों और जिलों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी रैंकिंग करेगा, जिससे अधिकारियों में बेहतर काम करने की होड़ लगेगी।
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त्वरित निर्णय: डेटा एनालिटिक्स की मदद से सरकार परफार्मेंस के आधार पर तुरंत नीतिगत फैसले ले सकेगी।
भ्रष्टाचार पर लगाम और पारदर्शिता में सुधार
दर्पण-2.0 का सबसे बड़ा लाभ इसकी पारदर्शिता है। योजनाओं में होने वाली देरी या लापरवाही को इस डैशबोर्ड के जरिए तुरंत पकड़ा जा सकेगा। अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और प्रोजेक्ट्स को समय सीमा के भीतर पूरा करने में मदद मिलेगी।
यह सिस्टम डेटा में विसंगतियों (Inconsistencies) को दूर करेगा, जिससे जनता को मिलने वाली सरकारी सेवाओं में तेजी आएगी।
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