2000 कॉल से फंसी सिया गोयल
लोहगढ़ किला हत्याकांड: 2000 कॉल डिटेल्स ने खोला सिया गोयल का राज; मंगेतर केतन की हत्या से पहले प्रेमी के साथ लगातार थी संपर्क में
पुणे (महाराष्ट्र):
पुणे के लोहगढ़ किला (Lohagad Fort) हत्याकांड में पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपी सिया गोयल के खिलाफ सबूतों का पहाड़ खड़ा होता जा रहा है। मंगेतर केतन अग्रवाल की 400 फीट गहरी खाई में धकेलकर की गई निर्मम हत्या के इस मामले में अब पुलिस के हाथ सबसे बड़ा तकनीकी सबूत लगा है। पुलिस की साइबर और टेक्निकल सेल ने खुलासा किया है कि वारदात से पहले और उस दौरान आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी के बीच 2000 से अधिक कॉल और मैसेज का आदान-प्रदान हुआ था। इन्ही 2000 कॉल्स ने सिया के झूठ के किले को ढहा दिया है।
📱 सीडीआर (CDR) से हुआ खौफनाक साजिश का पर्दाफाश
शुरुआत में इस घटना को एक सामान्य फोटो खींचने के दौरान हुआ हादसा बताने वाली सिया गोयल पुलिस की सख्ती और साइंटिफिक एविडेंस के आगे पूरी तरह टूट गई:
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लगातार संपर्क में थे दोनों आरोपी: पुलिस द्वारा निकलवाई गई कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के अनुसार, पिछले कुछ महीनों और विशेषकर हत्या वाले हफ्ते में सिया और उसके प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी के बीच असामान्य रूप से 2000 से ज्यादा बार बातचीत और चैट हुई थी।
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लोकेशन ने खोली पोल: वारदात के दिन भी दोनों की मोबाइल लोकेशन लोहगढ़ किले के आस-पास ही पाई गई। केतन को पहाड़ी के किनारे ले जाने से ठीक पहले और बाद में भी दोनों के बीच लगातार शॉर्ट कॉल्स एक्टिव थीं, जिससे साफ हो गया कि चेतन वहां पहले से घात लगाए बैठा था।
🗺️ बाली ट्रिप और पासपोर्ट चोरी का सच भी आया सामने
2000 कॉल्स के इस बड़े डेटा को खंगालने पर पुलिस को यह भी पता चला है कि सिया ने केतन को मारने के लिए बहुत पहले से ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया था:
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6 जून की साजिश: जब केतन और उसके दोस्तों का बाली (इंडोनेशिया) जाने का प्लान था, तब सिया ने लोनावला के एक फूड मॉल में केतन का पासपोर्ट गायब करवा दिया था। कॉल रिकॉर्ड्स से अंदेशा है कि वह इस दौरान भी चेतन के संपर्क में थी और भारत में ही केतन को ठिकाने लगाने के लिए उसने यह ट्रिप कैंसिल करवाई थी।
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14 जून का फेल ट्रायल: हत्या से ठीक 4 दिन पहले भी सिया उसे इसी किले पर लाई थी और तब भी दोनों प्रेमियों के बीच लगातार बातचीत हो रही थी, लेकिन उस दिन केतन बाल-बाल बच गया था।
⚖️ कोर्ट में सबसे मजबूत सबूत बनेगा यह डिजिटल डेटा
लोनावला रूरल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी भले ही अदालत में अपने बयानों से मुकर जाएं, लेकिन यह 2000 कॉल्स का डिजिटल ट्रेल (Digital Trail) और मोबाइल टावर लोकेशन दोनों की ‘क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी’ (criminal conspiracy) को साबित करने के लिए अचूक हथियार है। पुलिस इस डेटा को कोर्ट के सामने पुख्ता सबूत के तौर पर पेश कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोनों आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की तैयारी में है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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