शेखपुरा: DM सख्त, 2 दिन का अल्टीमेटम

खपुरा: सोमवारीय समीक्षा बैठक में डीएम सख्त; लंबित मामलों को 2 दिन में निपटाने का अल्टीमेटम

शेखपुरा: जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय के मंथन सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और काम न करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।


लंबित मामलों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी ने विभिन्न स्तरों पर लंबित फाइलों को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं:

  • समय सीमा: जनता दरबार में मुख्यमंत्री, सीएम डैशबोर्ड, हाईकोर्ट में लंबित परिवाद (CWJC और MJC) के सभी मामलों को 2 दिन के भीतर निष्पादित करने का आदेश दिया गया है।

  • कार्यालयों में सुधार: हर सोमवार और शुक्रवार को दफ्तरों में आने वाले लोगों के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, सभी कार्यालयों को साफ-सफाई और पंजियों (Registers) को अपडेट रखने को कहा गया है।

19 मई से पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’

आम जनता की समस्याओं के स्थानीय समाधान के लिए प्रशासन ने नई योजना बनाई है:

  • आयोजन: 19 मई से जिले की सभी पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ लगाए जाएंगे।

  • प्रक्रिया: इसके लिए पंचायत सरकार भवन में पहले से ही आवेदन लिए जाएंगे ताकि शिविर के दिन उनका त्वरित निपटारा हो सके।

विभागीय लापरवाही पर सख्ती और अन्य निर्देश

बैठक में विकास कार्यों और जनसुविधाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई:

  • PHED इंजीनियर से स्पष्टीकरण: बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण पीएचईडी (PHED) के कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

  • पेयजल व्यवस्था: भीषण गर्मी को देखते हुए जिले के खराब चापाकलों की सूची तलब की गई है ताकि समय पर उनकी मरम्मत सुनिश्चित की जा सके।

  • भूमि और नीलाम पत्रवाद: भूमि विवाद, परिमार्जन और भू-स्थानांतरण के मामलों को प्राथमिकता पर सुलझाने तथा बड़े बकायेदारों के खिलाफ नीलाम पत्रवाद के तहत कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया गया।

  • आंगनबाड़ी केंद्र: मनरेगा और ICDS के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में तेजी लाने को कहा गया है।

बैठक में उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, डीपीआरओ (DPRO), डीटीओ (DTO), एसडीओ (SDO), डीसीएलआर (DCLR) और वरीय उपसमाहर्ता सहित सभी जिला व प्रखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

“प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और कार्यालयों में लंबित मामलों को शून्य करना है।” —

रिपोर्ट: उमेश कुमार,शेखपुरा(बिहार) 

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

 (Allrights Magazine)

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