शेखपुरा: डीएम ने सुनीं 20 समस्याएं
जनता के दरबार में उमड़ी भीड़: जिलाधिकारी ने सुनीं 20 समस्याएं, त्वरित निष्पादन के निर्देश
शेखपुरा (बिहार): समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी श्री शेखर आनंद द्वारा ‘सबका सम्मान जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत ‘जनता के दरबार’ का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखा।

प्रमुख शिकायतें और प्राप्त आवेदन
जनसुनवाई के दौरान कुल 20 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे शामिल थे:
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भूमि एवं संपत्ति विवाद: पैतृक संपत्ति और भूमि से जुड़े मामलों की अधिकता रही।
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शिक्षा एवं मानदेय: विद्यालयों में प्रभार दिलाने और पंप ऑपरेटरों के लंबित मानदेय के भुगतान की मांग।
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विकास कार्य: नली-गली निर्माण और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़ी शिकायतें।
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वित्तीय मामले: बैंकों से ऋण माफी से संबंधित आवेदन।

लापरवाही पर जिलाधिकारी की सख्त चेतावनी
जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
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गुणवत्तापूर्ण निष्पादन: उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदनों का निपटारा केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।
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समय सीमा: सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन रिपोर्ट कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
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कड़ा संदेश: जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा, “लोक सेवा के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
वरीय अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता सहित अन्य जिलास्तरीय वरीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इस कड़े रुख से आम जनता में अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर नई उम्मीद जगी है।
रिपोर्ट: उमेश कुमार,शेखपुरा(बिहार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

