बरेली सीएमओ कार्यालय में मरीजों के रिकॉर्ड की शर्मनाक तस्वीर, फाइलें बनीं रद्दी का ढेर!

बरेली,
बरेली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय से स्वास्थ्य व्यवस्था की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहां मरीजों से जुड़ी अहम फाइलें और रिकॉर्ड फर्श पर बिखरे पड़े हैं, मानो उनकी कोई कीमत ही न हो। वर्षों का संवेदनशील मेडिकल डेटा अव्यवस्था और लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।

तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि न तो रिकॉर्ड रखने की कोई व्यवस्थित व्यवस्था है और न ही जिम्मेदारी तय करने वाला कोई तंत्र। मरीजों की फाइलें ढेर के रूप में पड़ी हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
फर्श पर फाइलें, सिस्टम सवालों के घेरे में

सीएमओ कार्यालय जैसे अहम प्रशासनिक केंद्र में यदि मरीजों के रिकॉर्ड इस तरह खुले में पड़े हों, तो गोपनीयता और डेटा सुरक्षा पर बड़ा खतरा खड़ा होता है। इन फाइलों में इलाज, रिपोर्ट और व्यक्तिगत जानकारी शामिल होती है, जिनका इस तरह बिखरा होना नियमों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।

कीमती रिकॉर्ड बना रद्दी, जिम्मेदारी तय नहीं-
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार मरीजों के रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से रखा जाना अनिवार्य है, लेकिन बरेली सीएमओ कार्यालय की स्थिति इसके ठीक उलट नजर आई। यहां न रिकॉर्ड मैनेजमेंट सिस्टम दिखा और न ही किसी अधिकारी की जवाबदेही।

सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग-
इस लापरवाही ने पूरे स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि जब जिला स्तर के शीर्ष स्वास्थ्य कार्यालय में ही रिकॉर्ड सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मरीज की जानकारी कितनी सुरक्षित है?

सिस्टम फेल या लापरवाही की छूट?
मरीजों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों का इस तरह फर्श पर बिखरा होना केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि सिस्टम फेल होने का संकेत देता है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करता है या यह मामला भी कागजों में ही दबकर रह जाएगा।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: