SC – Supreme Court of India की सख्ती- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के पालन में असमानता पर चिंता, देशव्यापी निर्देश जारी
नई दिल्ली: Supreme Court of India ने देशभर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के असमान और ढीले अनुपालन पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने कहा कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण कानूनों को लेकर राज्यों और शहरी निकायों की कार्यप्रणाली में भारी अंतर चिंताजनक है।![]()
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि कई राज्यों में कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक निस्तारण, लैंडफिल प्रबंधन और रिसाइक्लिंग व्यवस्था नियमों के अनुरूप नहीं चल रही है। कुछ नगर निकायों में आंशिक अनुपालन है, जबकि कई स्थानों पर नियमों का पालन नाममात्र का है।
अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही सभी शहरी स्थानीय निकायों को स्रोत स्तर पर कचरा अलगाव (Segregation at Source) सुनिश्चित करने, अनधिकृत डंपिंग पर रोक लगाने और वैज्ञानिक प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
कोर्ट ने यह भी कहा कि पर्यावरणीय नियमों का अनुपालन केवल कागजी न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे। राज्यों को प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने और जवाबदेही तय करने को कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट के इन निर्देशों को देश में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन आदेशों का सख्ती से पालन हुआ, तो शहरी प्रदूषण और कचरा संकट से निपटने में बड़ी मदद मिल सकती है।
ब्यूरो रिपोर्ट,
आल राइट्स मैगज़ीन
