RBI News: 10 और 20 के नए नोटों पर बड़ा अपडेट
“क्या बंद होने वाले हैं 10 और 20 के पुराने नोट? जानिए क्या है आरबीआई की नई योजना और सच्चाई”
विशेष आर्थिक एवं वित्त रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
नई दिल्ली: बाजार में रोजाना लेन-देन के दौरान 10 रुपये और 20 रुपये के नोट सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं। हाथों-हाथ लगातार घूमने की वजह से ये नोट बहुत जल्दी फट या खराब हो जाते हैं, जिन्हें दोबारा छपवाने और सर्कुलेशन में लाने पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भारी लागत उठानी पड़ती है। इसी समस्या से निपटने और नोटों की उम्र बढ़ाने के लिए अब आरबीआई ने एक बड़ा कदम उठाया है।
1. पॉलीमर (प्लास्टिक) नोटों की तैयारी और छपाई
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बेहतर टिकाऊपन: कागज के नोटों की तुलना में पॉलीमर या प्लास्टिक आधारित नोट काफी लंबे समय तक चलते हैं और आसानी से नहीं फटते।
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100-100 करोड़ नोटों का निर्माण: मीडिया रिपोर्ट्स और वित्तीय जानकारियों के अनुसार, आरबीआई ने 10 रुपये और 20 रुपये के नए पॉलीमर/प्लास्टिक नोटों की छपाई शुरू कर दी है, जिसके तहत शुरुआती चरण में 10-10 करोड़ (या अनुमानित बड़े पैमाने पर) नोट तैयार किए जा रहे हैं ताकि इनकी ड्यूरेबिलिटी परखी जा सके।
2. पुराने नोटों का क्या होगा? क्या वे बंद हो जाएंगे?
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फिलहाल वैध रहेंगे पुराने नोट: बाजार में पहले से चल रहे 10 और 20 रुपये के पुराने कागजी नोट पूरी तरह से वैध (Legal Tender) बने रहेंगे और उनका लेन-देन सामान्य रूप से चलता रहेगा।
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चरणबद्ध बदलाव: अचानक कोई भी पुराना नोट बंद नहीं किया जाएगा। हालांकि, भविष्य में जैसे-जैसे नए और मजबूत पॉलीमर नोट प्रचलन में आएंगे, पुराने और खराब हो चुके नोटों को धीरे-धीरे सर्कुलेशन से बाहर कर दिया जाएगा।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण
रिजर्व बैंक का यह कदम आर्थिक और प्रशासनिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। टिकाऊ नोटों के आने से बैंक नोटों की छपाई पर होने वाले बेजा खर्च में कमी आएगी और आम जनता को भी फटे-पुराने नोटों की समस्या से राहत मिलेगी।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ वित्तीय सुधारों, अर्थव्यवस्था और आम जनता से जुड़े हर बड़े अपडेट पर पूरी निष्पक्षता के साथ नजर रखती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)
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