PUC सर्टिफिकेट: नियम और बनाने का तरीका

Pollution Alert: बिना PUC गाड़ी चलाई तो कटेगा भारी चालान, घर बैठे ऐसे डाउनलोड करें अपना सर्टिफिकेट

नई दिल्ली/NCR News: देश के प्रमुख शहरों, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ और पटना में वायु प्रदूषण (Air Pollution) का स्तर ‘बेहद खतरनाक’ श्रेणी में पहुंच गया है। जहरीली हवा और स्मॉग के बीच प्रशासन ने वाहनों के प्रदूषण मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अगर आपकी गाड़ी का PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया है, तो आप न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि भारी जुर्माने की जद में भी हैं।

क्यों जरूरी है PUC सर्टिफिकेट?

PUC सर्टिफिकेट एक आधिकारिक दस्तावेज है जो प्रमाणित करता है कि आपके वाहन से निकलने वाला धुआं तय सरकारी मानकों के भीतर है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत भारत में हर पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाहन के लिए यह सर्टिफिकेट अनिवार्य है। इसके बिना सड़क पर वाहन चलाना कानूनन अपराध है।

PUC बनवाने का तरीका: ऑनलाइन या ऑफलाइन?

कई लोग यह गलती करते हैं कि वे ऑनलाइन PUC बनवाने की कोशिश करते हैं, लेकिन ध्यान रहे:

  • फिजिकल टेस्ट अनिवार्य: प्रदूषण प्रमाणपत्र ऑनलाइन नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए आपको अपने वाहन को नजदीकी पेट्रोल पंप या अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र पर ले जाना होगा।

  • जांच प्रक्रिया: ऑपरेटर गाड़ी के एग्जॉस्ट पाइप में सेंसर डालकर गैसों के उत्सर्जन की जांच करेगा।

  • फीस: इसके लिए आपको मात्र 60 रुपये से 100 रुपये (वाहन के प्रकार अनुसार) खर्च करने होंगे।

PUC सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड कैसे करें?

एक बार जब आपका टेस्ट सफल हो जाता है, तो आप अपने डिजिटल सर्टिफिकेट को कभी भी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं:

  1. आधिकारिक वेबसाइट parivahan.gov.in पर जाएं।

  2. ‘Online Services’ में जाकर ‘PUC Certificate’ पर क्लिक करें।

  3. अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर (अंतिम 5 अंक) दर्ज करें।

  4. ‘View PUC Details’ पर क्लिक करते ही आपका सर्टिफिकेट स्क्रीन पर होगा, जिसे आप प्रिंट या सेव कर सकते हैं।

वैधता (Validity) का रखें ध्यान

  • नई गाड़ी: कार या बाइक खरीदने के बाद पहले 1 साल तक PUC की जरूरत नहीं होती (डीलर द्वारा दिया गया सर्टिफिकेट मान्य होता है)।

  • पुरानी गाड़ी: एक साल के बाद, आपको हर 6 महीने में अपनी गाड़ी की जांच करवाकर इसे रिन्यू कराना अनिवार्य है।

स्वास्थ्य पर खतरा: जहरीली हवा से बचें

वाहनों से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसें अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनती हैं। दिल्ली जैसे शहरों में AQI 400-500 के पार जाना एक बड़ी चेतावनी है। समय पर PUC करवाकर आप न केवल चालान से बच सकते हैं, बल्कि शहर को सांस लेने लायक बनाने में अपना योगदान भी दे सकते हैं।


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