RTO संतोष पॉल की करोड़ों की संपत्ति जब्त
MP RTO घोटाला: ‘कमाई लाख में, संपत्ति करोड़ में’; ED ने आरटीओ संतोष पाल और पत्नी की ₹3.38 करोड़ की संपत्ति की कुर्क
भोपाल/जबलपुर: मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार कर अकूत संपत्ति जमा करने वाले सरकारी कारिंदों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कस गया है। ED के भोपाल जोनल ऑफिस ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) संतोष पाल और उनकी पत्नी रेखा पाल (परिवहन विभाग में सीनियर क्लर्क) की ₹3.38 करोड़ की अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है।
आय से 554% अधिक निकली संपत्ति
ED की जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। एक सरकारी अधिकारी और क्लर्क होने के नाते उनकी वैध आय और मिली संपत्ति के बीच जमीन-आसमान का अंतर मिला है:
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वैध आय: ₹73.26 लाख (चेक पीरियड के दौरान)।
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कुल संपत्ति और खर्च: लगभग ₹4.80 करोड़।
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बेहिसाब संपत्ति (DA): ₹4.06 करोड़।
बैंक खातों में ‘कैश’ का खेल: लोन चुकाने का अनोखा तरीका
ED की तफ्तीश में मनी लॉन्ड्रिंग का एक शातिर तरीका सामने आया है। जांच में पता चला कि संतोष पाल और रेखा पाल अपने बैंक खातों में किस्तों (EMI) के भुगतान से ठीक पहले भारी मात्रा में नकद (Cash) जमा करते थे।
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तरीका: अवैध तरीके से कमाए गए कैश को बैंकिंग सिस्टम में डालने के लिए उसे ‘लोन की किस्त’ के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
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मकसद: काले धन को सफेद (Placement and Integration) दिखाने की यह एक सुनियोजित कोशिश थी।
जबलपुर में फैला ‘साम्राज्य’ कुर्क
ED ने PMLA, 2002 के तहत जिन संपत्तियों को ‘Proceeds of Crime’ (अपराध की कमाई) मानकर अटैच किया है, वे सभी जबलपुर जिले में स्थित हैं:
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आलीशान आवासीय मकान।
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कई रेजिडेंशियल प्लॉट्स।
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बड़े रकबे वाली कृषि भूमि।
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कमर्शियल दुकानें।
EOW की FIR से शुरू हुई थी जांच
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब आर्थिक अपराध शाखा (EOW), भोपाल ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत संतोष पाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। EOW की छापेमारी के बाद ED ने इस मामले को टेकओवर किया और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की, जिसमें अब यह बड़ी कुर्की हुई है।
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